अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान का सिलेक्शन सवाल खड़ा करता है. खासकर तब जब इस समय ब्रिटेन में शरण मांगने वालों में पाकिस्तानियों की संख्या सबसे ज्यादा में से एक है.
केंद्र सरकार ने कहा कि वह लद्दाख के हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि वहां की स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके. हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि हाल के महीनों में बार-बार होने वाले बंद और विरोध-प्रदर्शनों ने वहां के जीवन और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है.