एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.
नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के समीप निर्मित दो प्रमुख एक्सप्रेसवे के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की...