नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की खबरें आने के कुछ घंटों बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की राज्य इकाई ने बयान जारी कर कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद को पार्टी कार्यकर्ता नहीं कह सकता, जब तक बीजेपी उसे आधिकारिक रूप से स्वीकार न करे.
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने सोशल मीडिया पर लिखा: “महत्वपूर्ण घोषणा: आप खुद से बीजेपी सदस्य नहीं बन सकते. जब तक पार्टी आपको औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करती, आप खुद को बीजेपी सदस्य नहीं कह सकते.”
दिप्रिंट से बात करते हुए सरकार ने कहा कि उन्हें खबर मिली है कि टीएमसी के कई कार्यकर्ता “रातों-रात” बीजेपी सदस्य बन गए और तोड़फोड़ में शामिल हैं. सोमवार को घोषित चुनाव नतीजों में टीएमसी सत्ता से बाहर हो गई.
उन्होंने कहा, “जो लोग 4 तारीख की शाम तक टीएमसी के कार्यकर्ता थे, वे रात में भगवा कपड़े पहनकर बीजेपी के नाम पर तोड़फोड़ और लोगों में डर फैलाने लगे. वे बीजेपी कार्यकर्ता नहीं हैं. पार्टी में शामिल होने के लिए राज्य स्तर पर एक प्रक्रिया होती है, जिसे पूरा करना ज़रूरी है.”
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ खुद को घोषित करके बीजेपी सदस्य नहीं बन सकता, “टीएमसी से जुड़े जो लोग अत्याचार, गैरकानूनी काम या डर फैलाने में शामिल रहे हैं, वे जिम्मेदारी से बचने के लिए बंगाल बीजेपी में शरण नहीं ले सकते.”
सरकार ने कहा कि कानून अपना काम करेगा. “किसी भी अपराधी या असामाजिक तत्व को किसी भी हालत में पार्टी में आने नहीं दिया जाएगा.”
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल प्रशासन को निर्देश दिया है कि चुनाव बाद हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाए. यह निर्देश उस समय आया जब मंगलवार को राज्य में ऐसी घटनाओं में चार लोगों की मौत की खबर आई. इसके अलावा कई पार्टी दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की गई.
कोलकाता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान रोकथाम अधिनियम, 1984 और पश्चिम बंगाल सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम, 1972 के तहत केस दर्ज किए हैं और 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने कहा कि शहर में जेसीबी के साथ किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी.
चुनाव आयोग ने पुलिस को संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं.
सरकार ने कहा कि बीजेपी के प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी ताकि लोग सच्चाई जान सकें.
PLEASE NOTE pic.twitter.com/eliyIxOMvp
— Debjit Sarkar (@Bjp_Debjit) May 6, 2026
उन्होंने कहा, “हमें पता है हमारे असली कार्यकर्ता कौन हैं और वे कभी हिंसा नहीं करेंगे. किसी के द्वारा भी हिंसा स्वीकार नहीं है और हम लोगों से कह रहे हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति हिंसा या तोड़फोड़ करता दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.”
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सदस्य बनने के लिए एक तय प्रक्रिया है, जिसमें जिला अध्यक्ष और राज्य अध्यक्ष की जानकारी जरूरी होती है.
सरकार ने कहा, “कोई भी व्यक्ति सिर्फ घोषणा करके सदस्य नहीं बन सकता, उसे औपचारिक प्रक्रिया से गुज़रना होगा.”
कई टीएमसी नेताओं ने भी चुनाव बाद हिंसा का मुद्दा उठाया है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा, “बंगाल के हर कोने में जो गुंडागर्दी और हिंसा हो रही है, सांप्रदायिक नारे और नफरत भरे भाषण, वह शपथ ग्रहण से पहले ही आने वाले बदलाव की तस्वीर दिखा रहे हैं.”
टीएमसी नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने जगतबल्लभपुर में टीएमसी कार्यालय को जलाए जाने का वीडियो पोस्ट किया और कहा कि यह “बीजेपी के गुंडों” का काम है, जो राज्य की स्थिति को दिखाता है.
The TMC party office in Jagatballavpur has reportedly been set ablaze by BJP miscreants—an alarming reflection of the situation the people of Bengal are now being forced to endure. pic.twitter.com/acRJsfMnHp
— Kalyan Banerjee (@KBanerjee_AITC) May 5, 2026
दिप्रिंट से बात करते हुए बीजेपी विधायक रितेश तिवारी ने कहा कि जबरन राजनीतिक अशांति फैलाने की कोशिश किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा, “हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि बीजेपी कार्यकर्ता बनने के लिए एक प्रक्रिया होती है. साथ ही हमने देखा है कि टीएमसी के कुछ लोग बीजेपी का नाम खराब करने के लिए हिंसा कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मैं अपने कार्यकर्ताओं को जानता हूं, और जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे बीजेपी के लोग नहीं हैं.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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