शिलांग, 30 अप्रैल (भाषा) मेघालय में जनगणना 2027 का स्वगणना चरण एक मई से शुरू होगा, जिसके बाद महीने के अंत में घरों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मेघालय के जनगणना संचालन निदेशक विश्वजीत पेगु ने कहा कि आगामी जनगणना एक तरह से ऐतिहासिक होगी क्योंकि यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘पहली बार, जनगणना की पूरी प्रक्रिया, गणना से लेकर डेटा विश्लेषण तक, मोबाइल एप्लिकेशन और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संचालित की जाएगी।’
उन्होंने बताया कि नागरिकों के पास एक मई से 15 मई तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना करने का विकल्प होगा।
पेगु ने कहा, ‘इस सुविधा से व्यक्ति अपने परिवार का विवरण भर सकेंगे, जिसकी बाद में घर-घर जाकर गणनाकर्ताओं द्वारा पुष्टि की जाएगी।’
उनके अनुसार, हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस (एचएलओ) 16 मई से 14 जून तक संचालित किए जाएंगे, जिसके दौरान जनगणना कर्मी एक संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, संपत्ति और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित आंकड़े एकत्र करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘डिजिटल परिवर्तन से पारदर्शिता बढ़ेगी, आंकड़ों की सटीकता में सुधार होगा और परिणामों के समय पर प्रकाशन के लिए प्रक्रिया में तेजी आएगी।’
जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में निर्धारित है और संदर्भ तिथि एक मार्च, 2027 तय की गई है।
पेगु ने कहा कि यह अभ्यास जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है, जिसमें आंकड़ों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘व्यक्तिगत और परिवार-स्तर के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे, केवल एकत्रित आंकड़े ही जारी किए जाएंगे।’
बहुस्तरीय निगरानी तंत्र के सहयोग से राज्य भर में लगभग 9,000 जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा।
संयुक्त निदेशक सुभाशीष चटर्जी ने बताया कि नागरिकों की सहायता के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन शुरू की गई है।
उन्होंने कहा, ‘यह हेल्पलाइन जनगणना प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन प्रदान करेगी, प्रश्नों का समाधान करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि लोगों को सटीक और समय पर जानकारी मिले।’
अधिकारियों ने नागरिकों से स्वगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और योजना एवं विकास के लिए सटीक और विश्वसनीय डेटा सुनिश्चित करने हेतु गणनाकर्ताओं को पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया।
भाषा
राखी संतोष
संतोष
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