(स्लग ठीक करते हुए रिपीट)
अहमदाबाद (गुजरात), 30 अप्रैल (भाषा) अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार को वटवा इलाके के एक घर से एक महिला का कंकाल खोद निकाला और इसके साथ ही हत्या के 34 साल पुराने एक मामले का पता लगाने का दावा किया है।
पुलिस ने बताया कि वैसे तो अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, लेकिन संदेह है कि महिला के पति और देवर/जेठ उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने 1992 में उसकी हत्या की और शव को घर के अंदर एक कुएं में दफना दिया।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अजित राजियान ने कहा, ‘‘अपराध शाखा ने बेहद असामान्य और रहस्यमय परिस्थितियों वाले इस मामले का सफलतापूर्वक पता लगाया।’’
उन्होंने बताया कि अपराध के पीछे का मकसद विवाहेतर संबंध था।
उन्होंने कहा कि हाल ही में, संदिग्धों के परिवार के सदस्यों को महिला सपनों में दिखाई देने लगी या उसके बारे में मतिभ्रम होने लगा। ऐसे में भय से राहत पाने के प्रयास में, उन्होंने उस घर में तांत्रिक अनुष्ठान करना शुरू कर दिया जहां उसकी हत्या हुई थी।
राजियान ने कहा कि इससे अफवाहें फैल गईं और पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद वटवा के कुतुब नगर चौक के पास स्थित घर से कंकाल बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि संदेह है कि यह शव फरज़ाना उर्फ शबनम नामक महिला का है लेकिन डीएनए परीक्षण के बाद ही उसकी पहचान की पुष्टि हो पाएगी।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भरत पटेल ने बताया कि महिला के पति और देवर/जेठ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य संदिग्ध अब जीवित नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि फरजाना मूल रूप से ढोलका तालुका की रहने वाली थी और अपने पहले असफल विवाह के बाद अहमदाबाद आ गई थी।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद फरजाना ने मामले के मुख्य आरोपी से शादी कर ली, लेकिन पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।
पुलिस के अनुसार जब महिला ने अलग होने से इनकार कर दिया तो उसके पति ने अपने भाई, एक दोस्त और वटवा इलाके में घर की मालकिन के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक महिला को किसी बहाने से एक रात के लिए घर ले जाया गया और उसके पति ने कथित तौर पर सोते समय दूसरों की मदद से उसका गला घोंट दिया तथा शव को बाद में एक बंद पड़े कुएं में दफना दिया गया।
पुलिस का कहना है कि बाद में वह घर किसी और को बेच दिया गया, लेकिन पिछले पांच-सात वर्षों से खाली पड़ा था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि उस जगह को भूतिया माना जाता था।
पुलिस के अनुसार खुदाई में मिली हड्डियों को डीएनए विश्लेषण के लिए अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा गया है।
एसीपी पटेल ने बताया कि पुलिस ने महिला के भाई का पता लगा लिया है ताकि तुलना के लिए डीएनए का नमूना लिया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘वैसे तो प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि दफनाई गई महिला फरजाना ही है, लेकिन जब तक हमारे पास पुख्ता वैज्ञानिक सबूत नहीं होंगे, हम निश्चित रूप से ऐसा नहीं कह सकते।’’
पटेल ने बताया कि एफएसएल रिपोर्ट में डीएनए मिलान की पुष्टि होने के बाद औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और गिरफ्तारियां की जाएंगी।
भाषा राजकुमार नरेश
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