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Thursday, 30 April, 2026
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जोधपुर के सरकारी स्कूलों ने छात्रों के मूल्यांकन के लिए एआई-आधारित प्रणाली शुरू की

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जोधपुर (राजस्थान), 30 अप्रैल (भाषा) जोधपुर के सरकारी विद्यालयों में शुरू की गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित एक प्रायोगिक परियोजना से छात्रों के प्रदर्शन के मूल्यांकन में काफी कम समय लग रहा है तथा उनके सीखने के परिणामों की अधिक सूक्ष्म और विस्तृत जानकारी मिल रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

‘योग्यता-आधारित मूल्यांकन और स्कूल रिपोर्टिंग प्रायोगिक परियोजना’ के दूसरे चरण के तहत पांच मुख्य विषयों अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में छठी से नौवीं कक्षा तक के 70,000 से अधिक छात्रों का मूल्यांकन किया गया। हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों के संस्थानों में कुल तीन लाख से अधिक मूल्यांकन किये गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पहले उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में काफी समय लगता था और पूरी प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते थे, लेकिन अब एआई प्रणाली एक पुस्तिका का मूल्यांकन महज कुछ सेकंड में कर देती है। इससे पूरा विवरण तैयार करने का काम तीन दिनों के भीतर पूरा हो जाता है।

नयी प्रणाली के तहत तैयार रिपोर्ट कार्ड में प्रत्येक छात्र में सुधार लाने के लिए विस्तृत, विषय-वार विवरण दिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि कुल अंकों पर निर्भर रहने के बजाय, मूल्यांकन अब विशिष्ट दक्षताओं पर आधारित है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई छात्र सांख्यिकी में बेहतर है लेकिन भाषा की समझ में कमजोर है, तो रिपोर्ट में इसका स्पष्ट उल्लेख रहता है।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रजनी शेखावत ने कहा, ‘‘यह दृष्टिकोण शिक्षकों और अभिभावकों को केवल कुल अंकों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, छात्र की उपलब्धियों और पढ़ाई में रह गई कमियों को जानने में मदद करता है।’’

उन्होंने बताया कि यह व्यापक मूल्यांकन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई एआई-संचालित पहल का हिस्सा है।

यह कार्यक्रम जिले के सभी 15 ब्लॉक के 1,000 से अधिक स्कूलों में लागू है। इसकी शुरुआत अक्टूबर 2025 में पहले चरण के रूप में जोधपुर ब्लॉक के अंग्रेजी माध्यम के 54 सरकारी स्कूलों में की गई थी, जिसमें छठी से आठवीं कक्षा तक के 3,000 से अधिक छात्रों को शामिल किया गया था।

इस प्रक्रिया में शिक्षक एक विशेष ऐप के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करते हैं, जिसके बाद एआई प्रणाली उत्तरों का मूल्यांकन करती है।

भाषा सुमित सुभाष

सुभाष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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