नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऊर्जा प्रवाह की सुरक्षा, पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न व्यापार बाधाओं को कम करने और अहम प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने के एजेंडे के साथ अगले महीने यूरोप के चार देशों की यात्रा करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री 15 से 20 मई तक नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने यूरोपीय दौरे की शुरुआत में या अंत में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का संक्षिप्त दौरा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री की यूरोप यात्रा को लेकर हालांकि अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी 15 और 16 मई को होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह शिखर सम्मेलन पिछले साल मई में होना था, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के केंद्र में नवाचार को बढ़ावा देना, आर्थिक विकास, जलवायु-अनुकूल समाधान और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार और निवेश हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री पांच नॉर्डिक देशों – डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन – के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्षों की बातचीत के बाद जनवरी में हुए महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री की यूरोप की यह पहली यात्रा होगी।
डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन यूरोपीय संघ के सदस्य हैं, जबकि नॉर्वे और आइसलैंड इस समूह का हिस्सा नहीं हैं।
एक सूत्र ने बताया कि निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न व्यापार व्यवधानों को कम करना प्रधानमंत्री की यूरोपीय नेताओं के साथ होने वाली बैठकों का प्रमुख विषय होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की नीदरलैंड यात्रा को सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित हाइड्रोजन, व्यापार और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा करने के लिए अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्र ने बताया कि मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान दोनों पक्ष एक सतत भविष्य के लिए नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को प्रगाढ़ करने के तौर-तरीकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
प्रधानमंत्री की इटली यात्रा से व्यापार, निवेश और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के और प्रगाढ़ होने की उम्मीद है।
इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो वर्तमान में भारत की यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों द्वारा सैन्य उपकरणों के सह-उत्पादन के लिए एक रक्षा औद्योगिक ढांचा विकसित करना है।
भाषा धीरज नरेश
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