चूड़ाचांदपुर, 29 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के उखरुल जिले के दो गांवों में हाल में हुई गोलीबारी की घटनाओं के विरोध में बुधवार को चार जिलों के कुकी-बहुल क्षेत्रों में हजारों लोगों ने कई रैलियां निकालीं।
रैलियों में शामिल प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह से कथित तौर पर जुड़े उस ऑडियो टेप के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए त्वरित न्यायिक कार्रवाई की भी मांग की, जो 2024 में जातीय हिंसा के चरम पर होने के दौरान सामने आया था।
‘कुकी वुमेन ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स (केडब्ल्यूओएचआर)’ और ‘कुकी वुमेन यूनियन (केडब्ल्यूयू)’ ने चूड़ाचांदपुर, कांगपोकपी, चंदेल और तेंगनुपाल जिलों में विरोध रैलियां निकालीं।
चूड़ाचांदपुर कस्बे के कोइट मैदान में दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने 24 अप्रैल को उखरुल के मुल्लम और सोंगफेल गांवों में हुई गोलीबारी की घटनाओं की निंदा की, जिनमें दो लोग मारे गए थे।
पदाधिकारियों ने दावा किया कि राज्य में जारी संघर्ष के सिलसिले में बिरेन सिंह के कथित ऑडियो टेप को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने शीर्ष अदालत में लंबित इस मामले में “त्वरित न्यायिक कार्रवाई” की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कोइट मैदान से रैली शुरू की और सिंह के खिलाफ नारे लगाते हुए तथा उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए ‘वॉल ऑफ रिमेंबरेंस’ की ओर बढ़े।
उन्होंने चूड़ाचांदपुर के उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ऑडियो टेप मामले में तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप और मुल्लम तथा सोंगफेल गांवों पर हुई गोलीबारी की घटना के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
भाषा पारुल रंजन
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