कोलंबो, 28 अप्रैल (भाषा) आलोचनाओं का सामना कर रहे श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा और उनकी कार्यकारी समिति के सदस्यों ने मंगलवार को यहां एक विशेष बैठक में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
यह कदम उस समय उठाया गया जब देश के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने नए प्रशासन के गठन की मांग की थी।
कार्यकारी समिति के एक सूत्र ने बताया कि करीब तीन घंटे चले विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। समिति के सदस्य हालांकि इस बारे में चुप्पी साधे रहे कि खेल मंत्री सुनील कुमारा गामगे को इस्तीफा सौंपने के बाद आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रपति के इस्तीफा देने के आग्रह के बाद यह अहम बैठक सिल्वा ने ही बुलाई थी। सिल्वा ने अपने पद को छोड़ने की मांग के बीच पिछले सप्ताह राष्ट्रपति दिसानायके से मुलाकात भी की थी।
सरकार मार्च की शुरुआत से ही खिलाड़ियों की शिकायतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रीलंका टीम के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर सिल्वा को पद से हटाने पर विचार कर रही थी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार अंतरिम रूप से एसएलसी का कार्यभार संभालने के लिए पहले ही नाम तय कर चुकी है।
सिल्वा 2019 में सदस्य क्लबों के बहुमत से एसएलसी अध्यक्ष पद पर काबिज हुए थे। वह इसके बाद 2021, 2023 तथा 2025 में निर्विरोध फिर चुने गए। वह 2025 में जय शाह की जगह एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष भी बने थे।
उनके इस्तीफे पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतिक्रिया का इंतजार है। इससे पहले दिसंबर 2023 में तत्कालीन खेल मंत्री द्वारा सिल्वा को हटाए जाने पर आईसीसी ने राजनीतिक हस्तक्षेप का हवाला देते हुए श्रीलंका की सदस्यता निलंबित कर दी थी। बाद में सिल्वा ने अदालत में इस फैसले को चुनौती दी और बहाल कर दिए गए थे।
भाषा आनन्द सुधीर
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