scorecardresearch
Tuesday, 28 April, 2026
होमदेशगहलोत ने सैनिटरी नैपकिन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की

गहलोत ने सैनिटरी नैपकिन योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की

Text Size:

जयपुर, 28 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर बालिकाओं व महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मंगलवार को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

स्कूलों में निशुल्क वितरित किए जाने वाले सैनिटरी नैपकिन की गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बच्चियों के ‘मेंस्ट्रुअल हाइजीन’ (माहवारी संबंधी स्वच्छता) और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए ‘उड़ान योजना’ जैसी अभिनव पहल की थी। उच्चतम न्यायालय ने भी देशभर के स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने का निर्देश देकर इस दिशा में हमारे ‘विजन’ की पुष्टि की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आज यह देखकर बेहद पीड़ा होती है कि नारी शक्ति को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा की हकीकत क्या है। पहले तो लगभग दो साल तक इस योजना को बंद रखा गया और अब वर्तमान सरकार इस महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार कर रही है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मानकों को ताक पर रखकर बच्चियों को ऐसे घटिया सैनिटरी नैपकिन बांटे जा रहे हैं, जिनसे उन्हें गंभीर संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है।’’

उन्होंने कहा कि मातृशक्ति और बेटियों के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लापरवाही और भ्रष्टाचार सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

जांच की मांग करते हुए गहलोत ने कहा, ‘‘सरकार अविलंब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और प्रदेश की बच्चियों के लिए उच्च गुणवत्ता के नैपकिन सुनिश्चित करे।’’

भाषा पृथ्वी

मनीषा खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments