नई दिल्ली: कुछ दिन पहले अपने “संवेदनहीन” ट्वीट को लेकर अभ्यर्थियों और शिक्षकों की आलोचना झेलने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब अपने तरीके बदल रही है और ऐसे प्रेरणादायक संदेश पोस्ट कर रही है जो उम्मीदवारों का मनोबल ऊंचा रख सकें.
विवादित ट्वीट में लिखा था: “क्या तुम्हें लगता है कि यह सिर्फ एक प्रश्न पत्र है? यही वह सबसे बड़ा भ्रम है जिसमें छात्र जीते हैं.”
कई छात्रों ने ऑनलाइन कहा कि यह संदेश लाखों अभ्यर्थियों की चिंता और दबाव का मजाक उड़ाने जैसा लगता है. पोस्ट को कथित रूप से एडिट किए जाने के बाद भी उसके स्क्रीनशॉट काफी शेयर किए गए.
यह एजेंसी भारत की कई सबसे कठिन परीक्षाएं कराती है, जैसे NET, NEET, JEE, जिनकी तैयारी छात्र सालों तक करते हैं.
कुछ आलोचकों ने कहा कि इतने बड़े संस्थान को आश्वासन, स्पष्टता और पारदर्शिता के साथ बात करनी चाहिए, न कि कड़ी या भड़काऊ भाषा अपनानी चाहिए.
एक X यूजर ने स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए पूछा, “यह NTA क्या है? NEET अभ्यर्थियों के लिए इतनी नफरत क्यों? आपने बेझिझक 17 साल के बच्चों को चुनौती दी.”
एक फिजिक्स टीचर जो NEET अभ्यर्थियों को पढ़ाते हैं, जोगिंदर यादव ने दिप्रिंट से कहा, “यह विवादित पोस्ट छात्रों को डरा गया. यह परीक्षा पहले से ही बहुत दबाव डालती है और हमने कई आत्महत्याएं देखी हैं. एजेंसी को छात्रों को प्रेरित करना चाहिए था और वह पोस्ट धमकी जैसी थी. अब वे पॉजिटिव ट्वीट करके नुकसान को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं.”
एडिट और बदलाव
बाद में NTA ने उस विवादित ट्वीट को एडिट किया.
रिपोर्ट के अनुसार, उसमें लिखा था: “अब भी अपने मॉक स्कोर के लिए बहाने बना रहे हो? NTA इस साल परीक्षा को फेल-सेफ बनाने के लिए AI सहित नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है.”
प्रतिस्पर्धी परीक्षा की दुनिया में मॉक पेपर फुल-लेंथ प्रैक्टिस टेस्ट होते हैं, जो असली परीक्षा जैसा माहौल, समय और कठिनाई दिखाते हैं. छात्र इन्हें हर हफ्ते देते हैं ताकि अपनी तैयारी जांच सकें. NTA का “मॉक स्कोर के लिए बहाने” वाला जिक्र उन छात्रों पर तंज माना गया जो प्रैक्टिस टेस्ट में कम प्रदर्शन पर बाहरी कारणों को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं.
पोस्ट में यह भी कहा गया था कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और बाकी काम एजेंसी संभालेगी.
लेकिन आलोचना के बाद, एजेंसी के पोस्ट का फोकस ज्यादातर प्रेरणादायक और सकारात्मक संदेशों की तरफ चला गया.
NTA के पिन किए गए पोस्ट में लिखा है, “प्रिय NEET अभ्यर्थियों, आपका मानसिक स्वास्थ्य और भलाई हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कोई भी परीक्षा आपकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है. अगर आप तनाव, चिंता या दबाव महसूस कर रहे हैं तो तुरंत इन आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें: Tele-MANAS (24×7 राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन) 14416 या 1-800-891-4416 (मुफ्त और गोपनीय काउंसलिंग कई भाषाओं में).”
पोस्ट में आगे कहा गया, “आप अकेले नहीं हैं. मदद उपलब्ध है. आज ही किसी से बात करें. अपना ख्याल रखें. हमें आप पर भरोसा है.”
एक अन्य पोस्ट में एजेंसी ने छात्रों से शांत रहने को कहा.
“परीक्षा के दिन शांत रहें और अपनी तैयारी पर भरोसा करें. ध्यान से पढ़ें, स्मार्ट तरीके से योजना बनाएं और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दें. पेपर चाहे जैसा भी हो, आपकी रणनीति वही रहती है,” एजेंसी ने लिखा.
NTA भारत की सबसे बड़ी परीक्षा कराने वाली एजेंसियों में से एक है. हाल के वर्षों में परीक्षा प्रबंधन को लेकर यह लगातार जांच के दायरे में रही है, जिसमें NEET-UG 2024, NET 2024 और CUET UG 2024 जैसे विवाद शामिल हैं. जैसे-जैसे ये विवाद बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे एजेंसी की पारदर्शिता, तकनीकी समस्याओं और परीक्षा प्रणाली पर भरोसे को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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