नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है और 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देश को समर्पित करेंगे. करीब 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे को ₹37 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. परियोजना को चार पैकेज में बांटकर अलग-अलग एजेंसियों के जरिए निर्माण कराया गया, जिससे काम में तेजी आई. पहले तीन पैकेज लगभग ₹9-9 हजार करोड़ के हैं, जबकि चौथा पैकेज ₹9.5 हजार करोड़ का है.
परियोजना की निगरानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कर रहा है, जिसने डिजाइन, निर्माण और गुणवत्ता पर सख्त नियंत्रण रखा. यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ते हुए यात्रा समय कम करेगा. साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा. इसे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है.