मुंबई, 24 अप्रैल (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मुंबई शहर और उपनगरीय जिलों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद शुरू हो गयी है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
बीएमसी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों से मुंबई में ‘एसआईआर’ के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग की अपील की गई है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिड़े ने दिन में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
आयुक्त ने बताया कि एसआईआर कवायद का उद्देश्य मतदाता सूची से दोहरी प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं के नाम और अवैध पंजीकरण को हटाकर उसे अद्यतन करना है। इसके साथ ही प्रवास और अन्य कारकों के कारण होने वाले परिवर्तनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र में पिछला एसआईआर 2002 में किया गया था और मुंबई में वर्तमान कवायद राज्यव्यापी पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है।
यह प्रक्रिया छह चरणों में आयोजित की जाएगी – पूर्व-पुनरीक्षण अवधि, प्रगणन, एएएसडी (पहले से नामांकित, अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) सूची तैयार करना, मसौदा सूची का प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करना और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
वर्तमान में पूर्व-पुनरीक्षण चरण के दौरान मुंबई शहर और उपनगरीय जिलों में मतदाताओं के ब्योरे के मिलान (मैपिंग) का कार्य जारी है। 2002 की मतदाता सूची में दर्ज विवरण का मिलान 2024 की सूची से किया जा रहा है और ‘बीएलओ’ सॉफ्टवेयर (या मोबाइल ऐप) के माध्यम से उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
भिड़े ने राजनीतिक दलों से अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर के एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का आग्रह किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
भाषा सुमित दिलीप
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