नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा शुक्रवार को जारी 35 उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों (एफटीओ) की रैंकिंग में देश की केवल एक संस्था ‘ए’ रेटिंग हासिल करने में सफल रही, जबकि किसी भी संस्था को उच्चतम ‘ए+’ रेटिंग नहीं मिली।
पिछले वर्ष एक अक्टूबर को जारी पहली रैंकिंग में भी किसी एफटीओ को ‘ए+’ या ‘ए’ रेटिंग नहीं मिली थी।
नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दूसरे चरण की रैंकिंग में अव्याना एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने ‘ए’ रेटिंग हासिल की है।
मंत्रालय के अनुसार, इस बार एफटीओ के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। ‘सी’ श्रेणी में आने वाले संस्थानों की संख्या घटी है, जबकि ‘बी’ श्रेणी में आने वालों की संख्या बढ़ी है। दूसरे चरण में 17-17 एफटीओ को ‘बी’ और ‘सी’ रेटिंग दी गई है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए) को ‘बी’ रेटिंग मिली है और उसकी रैंकिंग में सुधार हुआ है।
एफटीओ की रैंकिंग उनके कामकाज, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, नियमों के पालन और छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर की जाती है।
रैंकिंग के मानकों के अनुसार, 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले संस्थानों को ‘ए+’ श्रेणी में रखा जाता है। इसके बाद 70 से अधिक लेकिन 85 प्रतिशत तक अंक पाने वालों को ‘ए’, 50 से अधिक लेकिन 70 प्रतिशत तक अंक पाने वालों को ‘बी’ और 50 प्रतिशत से कम अंक हासिल करने वाले संस्थानों को ‘सी’ श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है।
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि पिछले 18 महीनों में छह नए एफटीओ को अनुमति दी गई है और छह अन्य को मंजूरी देने की प्रक्रिया जारी है।
भाषा योगेश पाण्डेय
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