देहरादून, 23 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड में कांग्रेस ने राज्य विधायिका में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को यहां विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में भाजपा सरकार पर आरक्षण नीति को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर उसे कथित तौर पर बाधित करने का आरोप लगाया गया।
धरने में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत अनेक वरिष्ठ नेता, विधायक तथा कायकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुआ है।
नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक में 2029 में विधायिका में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था। हालांकि,सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए लोकसभा में आवश्यक संख्याबल हासिल करने में असफल रही।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर आरक्षण नीति को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि यह उनकी एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ है।
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा ने 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से जोड़ दिया जबकि उसे पता था कि परिसीमन पर अभी तक राष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई है।
रावत ने कहा, ‘यह एक प्रपंच है और विधेयक को पारित होने से रोकने की साजिश है। इस देरी के लिए केवल भाजपा ही जिम्मेदार है।’
भाषा दीप्ति
धीरज
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