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Thursday, 23 April, 2026
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गेहूं खरीद अबतक 11 प्रतिशत घटकर 148 लाख टन

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नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) सरकारी एजेंसियों ने मौजूदा रबी विपणन सत्र में 148 लाख टन गेहूं की खरीद की है। यह पिछले साल की इसी अवधि में की गई खरीद की तुलना में 11.37 प्रतिशत कम है। इस गिरावट का मुख्य कारण मंडियों में फसल की देर से हुई आवक है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पिछले साल की इसी अवधि में यह खरीद 167 लाख टन रही थी।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियां ​​न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद करती हैं। गेहूं की खरीद मार्च से अप्रैल तक चलती है, जिसमें अनाज का अधिकांश हिस्सा पहले तीन महीनों में खरीदा जाता है।

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘खरीद में कमी का कारण मंडियों में फसल की देर से आवक है। अब खरीद की गति बढ़ रही है।’’

अधिकारी ने बताया कि विशेष रूप से चमक में कमी और टूटे हुए दानों के मामले में खरीद के नियमों में ढील पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक बढ़ाई गई है, क्योंकि इन राज्यों में फसल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई थी।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल तक पंजाब में गेहूं की खरीद 67 लाख टन रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के 49 लाख टन से अधिक है। हरियाणा में यह आंकड़ा 53 लाख टन के मुकाबले 61 लाख टन दर्ज किया गया।

हालांकि, मध्य प्रदेश में खरीद 52 लाख टन से घटकर 10 लाख टन रह गई, जबकि राजस्थान ने पिछले साल की इसी अवधि के 7.8 लाख टन के मुकाबले पांच लाख टन गेहूं की खरीद की।

अधिकारी ने कहा कि भंडारण को लेकर कोई चिंता नहीं है, क्योंकि राज्य सरकारों ने इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था कर ली है।

कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) के लिए गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 12.02 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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