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Thursday, 30 April, 2026
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भारत-जापान के बीच हुई पहली कृत्रिम मेधा रणनीतिक वार्ता, दोनों पक्षों ने सहयोग के रास्ते तलाशे

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नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) भारत और जापान के उच्च अधिकारियों ने रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य सह-निर्माण को बढ़ावा देना, नीतिगत एकजुटता को सुदृढ़ करना और औद्योगिक क्षेत्रों में समाधान के विकास को प्रोत्साहित करना था। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने बताया कि इस चर्चा का उद्देशय एक मजबूत, नवोन्मेषी और विश्वसनीय एआई पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना था।

भारत-जापान कृत्रिम मेधा (एआई) संवाद का पहला संस्करण 21 अप्रैल को मुंबई में आयोजित किया गया था।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया, “दोनों पक्षों ने सह-निर्माण को बढ़ावा देने, नीति एकजुटता को सुदृढ़ करना और औद्योगिक क्षेत्रों में एआई समाधानों के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संपूर्ण एआई क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा की ताकि एक मजबूत, नवोन्मेषी और विश्वसनीय एआई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हो सके।”

इस संवाद की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (साइबर कूटनीति) अमित ए. शुक्ला और जापान के विदेश मंत्रालय के साइबर सुरक्षा उप सहायक मंत्री हानादा ताकाहिरो ने की।

इस संवाद में दोनों सरकारों के हितधारक मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों ने भाग लिया तथा इसमें एक ऐसा सत्र भी शामिल था, जिसमें दोनों पक्षों की सरकार व एआई उद्योग के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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