नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि उन्हें एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (एचएलएच) होने का पता चला है।
बाएं हाथ के इस 38 वर्षीय तेज गेंदबाज को फिलहाल नयी दिल्ली के एक अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है जहां जनवरी से उनका इलाज चल रहा था।
मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करने वाला ‘एचएलएच’ एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर हो जाती है। मरीज को प्रतिरक्षा प्रणाली की अत्यधिक सक्रिय प्रतिक्रिया के कारण शरीर में बहुत अधिक सूजन का सामना करना पड़ता है जिससे शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचता है जिसमें बोन मैरो, यकृत, स्प्लीन और लिम्फ नोड्स शामिल हैं।
शापूर के छोटे भाई गमार जादरान ने बताया कि उनके भाई को सबसे पहले पिछले साल अक्टूबर में अस्वस्थ महसूस हुआ था और बाद में अफगानिस्तान के डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए भारत जाने की सलाह दी थी।
गमार ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ को बताया, ‘‘यह एक बहुत ही गंभीर संक्रमण था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके पूरे शरीर में संक्रमण था जिसमें टीबी (तपेदिक) भी शामिल था। यह उनके दिमाग तक भी फैल गया था जिसका पता एमआरआई और सीटी स्कैन के बाद चला।’’
शापूर ने शुरू में इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दी थी और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी लेकिन 20 दिन के बाद उन्हें फिर से समस्या हुई।
गमार ने कहा, ‘‘डॉक्टर ने कहा था कि हम नियमित जांच के लिए आते रहें। उन्हें (शापूर को) लगभग 20 दिन तक अच्छा महसूस हुआ जिसके बाद उन्हें फिर से संक्रमण हो गया। तब हमने उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया।’’
शापूर ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले।
भाषा सुधीर
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