… तपन मोहंता …
कोलकाता, 19 अप्रैल (भाषा) भारत के शीर्ष टी20 स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने रविवार को अपने हालिया संघर्षों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी गेंदबाजी में कोई खामी नहीं है और इसका कारण पिच की स्थिति है। उन्होंने इसके साथ ही बाहरी आलोचनाओं को भी तवज्जों नहीं देने की कोशिश की। चक्रवर्ती ने 14 रन पर तीन विकेट चटकाए, जिससे कोलकाता नाइट राइडर्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के दिन के मैच में रविवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को हराकर मौजूदा सत्र में पहली बार जीत का स्वाद चखा। टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण से लगातार रन लुटा रहे चक्रवर्ती से जब मुश्किल दौर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेबाकी से कहा, ‘‘गेंदबाज रन तो देते ही हैं। आप किस मैच की बात कर रहे हैं?’’ टी20 विश्व कप के बाद आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने चार ओवर में 48 रन लुटा दिए और इस सत्र में अपना पहला विकेट लेने के लिए उन्हें चार मैचों का इंतजार करना पड़ा। चक्रवर्ती ने अपनी गेंदबाजी में किसी भी तरह की खामी को नकारते हुए कहा, ‘‘मैंने आज तीन विकेट लिए हैं, इसलिए मैं कोई बड़ा बयान नहीं देना चाहता। खेल का यही नियम है। अगले मैच में अगर पिच में कोई मदद नहीं मिली, तो हर स्पिनर के साथ ऐसा ही होगा। जैसा कि आपने देखा, शुरुआत में हर स्पिनर संघर्ष कर रहा था। खेल ऐसा ही होता है।’’ इस 34 साल के गेंदबाज ने कहा, ‘‘जब पिचें धीमी होने लगती हैं, तब हम खेल में वापसी करते हैं और अधिक प्रभावी हो जाते हैं। इसलिए यह खेल का नियम है और हम इसे बदल नहीं सकते। मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे कोई गलती नहीं हो रही थी। ऐसा पिच की वजह से हो रहा था। मैं खुद पर बहुत सख्त हूं। अगर मैं अच्छा नहीं खेलता, तो मैं विश्लेषण करता हूं कि क्या गलत हुआ।’’ केकेआर के लिए मौजूदा सत्र में खराब शुरुआत के बाद यह जीत एक बड़ी राहत लेकर आई। चक्रवर्ती ने खिलाड़ियों को ‘बाहरी शोर’ से बचाने के लिए मुख्य कोच अभिषेक नायर को श्रेय देते हुए बताया कि ड्रेसिंग रूम में भावुक दृश्य थे। उन्होंने कहा, ‘‘(यह जीत) बहुत, बहुत महत्वपूर्ण है। मैं आपको बता सकता हूं कि मैंने आज ड्रेसिंग रूम में कई आंसू देखे, जो हमने 2024 में आईपीएल जीतने वाले साल में भी नहीं देखे थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका पूरा श्रेय कोचिंग स्टाफ को जाता है, क्योंकि उन्होंने बाहरी शोर को हम पर असर नहीं पड़ने दिया। बहुत से लोग पूरी तरह से निराधार बातें कर रहे थे। ऐसे समय में आपको एक मजबूत आधार की जरूरत होती है, और हमारे पास वह है।’’ भाषा आनन्द आनन्द नमितानमिता
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