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Thursday, 30 April, 2026
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सतत विकास प्रतिबद्धता को दर्शाती है महासागर नियोजन संबंधी भारत और नॉर्वे की संयुक्त पहल

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(अपर्णा बोस)

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) सतत महासागर नियोजन पर भारत और नॉर्वे की संयुक्त पहल एक ऐसे मॉडल को दर्शाती है जहां महासागरों का संतुलित विकास और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए विज्ञान तथा विकास एक साथ काम करते हैं। नॉर्वे दूतावास के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह बात कही।

रॉयल नॉर्वे दूतावास के उप राजदूत अरविन गाडगिल ने पीटीआई-भाषा को दिए एक बयान में कहा कि समुद्री स्थानिक योजना (एमएसपी) जैसी पहल नॉर्वे और भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति निरंतर साझा प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि निर्णय विज्ञान द्वारा संचालित हों।

गाडगिल ने कहा, ‘‘अद्वितीय रूप से समृद्ध जैव विविधता वाले तटवर्ती क्षेत्र के लिए एमएसपी विकसित करने हेतु ओडिशा के साथ हमारी साझेदारी पर हस्ताक्षर करना उस ज्ञान को दर्शाता है जिसे महान समुद्री सभ्यता कलिंग ने सदियों पहले बंगाल की खाड़ी में खोजा था, सतत समृद्धि समुद्र पर प्रतिस्पर्धी दावों से नहीं, बल्कि इसके साझा प्रबंधन से उत्पन्न होती है।’’

नॉर्वे के सहयोग से भारत में 2019 से सतत महासागर नियोजन पहल जारी है। पहले चरण में, इस पहल को पुडुचेरी और लक्षद्वीप में लागू किया गया था।

दूसरे चरण के तहत, ओडिशा इसे आगे बढ़ाने वाला पहला राज्य है। नॉर्वे के प्रमुख संस्थानों का एक प्रतिनिधिमंडल पांच दिन के लिए 13 अप्रैल को भुवनेश्वर आया और भारतीय सहयोगी संस्थानों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

प्रतिनिधिमंडल में नॉर्वे पर्यावरण एजेंसी, नॉर्वे समुद्री अनुसंधान संस्थान, नॉर्वे जल अनुसंधान संस्थान, सांख्यिकी नॉर्वे और नैन्सन पर्यावरण एवं दूर संवेदी केंद्र (एनईआरएससी)/नैन्सन पर्यावरण अनुसंधान केंद्र भारत (एनईआरसीआई) के प्रतिनिधि शामिल थे।

बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की उपस्थिति में ओडिशा के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा परियोजना के प्राथमिक भारतीय भागीदार, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र (एनसीसीआर) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।

परियोजना समन्वयक डिएम होंग थी ट्रान ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘नॉर्वे की टीम ओडिशा के साथ इस महत्वपूर्ण साझेदारी में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रही है। हम 2030 तक भारत-नॉर्वे सहयोग को और मजबूत, गहरा एवं विस्तारित करने के लिए उत्साहित हैं, जो सतत विकास लक्ष्य 14 – जल के अंतर्गत जीवन – के प्रति एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रतिबद्धता है।’’

भाषा नेत्रपाल अविनाश

अविनाश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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