आइजोल, 17 अप्रैल (भाषा) मिजोरम की मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर 187.90 करोड़ रुपये के कथित लेंगपुई भूमि घोटाले में सीबीआई जांच का आदेश देने का साहस नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
एमएनएफ लीगल बोर्ड के उपाध्यक्ष लालपियानफेला चावंगथु ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि जोराम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच के लिए सहमति देने वाली अधिसूचना जारी करने के अलावा कुछ खास नहीं किया है।
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कोई सार्थक अनुवर्ती कार्रवाई नहीं की है। अब यह स्पष्ट है कि सरकार न तो वास्तव में सीबीआई जांच करना चाहती है और न ही उसमें ऐसा करने का साहस है।’
हालांकि, सरकार ने 23 फरवरी को सीबीआई जांच के लिए सामान्य सहमति देते हुए एक अधिसूचना जारी की, लेकिन चावंगथु ने तर्क दिया कि यह जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से किया गया एक खोखला दिखावा है।
लेंगपुई स्थित मिजोरम के एकमात्र हवाई अड्डे के पास की इस विवादित जमीन को भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू विमानों और ईंधन भरने संबंधी सुविधाओं के लिए अधिग्रहित किया था।
विपक्ष ने इस प्रक्रिया में ‘संदिग्ध वित्तीय लेनदेन’ और ‘कथित जल्दबाजी’ की ओर इशारा किया है।
एमएनएफ और कांग्रेस दोनों ने 187.90 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग करते हुए अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।
भाषा
प्रचेता दिलीप
दिलीप
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