चंडीगढ़, 17 अप्रैल (भाषा) पंजाब मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को एक नागरिक-केंद्रित नीति को मंजूरी देते हुए भूस्वामियों को नदियों, मौसमी धाराओं और नालों से गाद निकालने का काम अपने खर्च पर करने की अनुमति दी एवं निकाली गयी मिट्टी का मुफ्त उपयोग करने का अधिकार भी दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य मानसून से पहले बाढ़ की तैयारियों को मजबूत करना और महत्वपूर्ण नदियों के जल प्रवाह में सुधार लाना है।
बयान में कहा गया है,‘‘मंत्रिमंडल ने संबंधित भूस्वामियों को सतलुज, ब्यास और सिसवान समेत विभिन्न नदियों, नालों और जल निकासी प्रणालियों की गाद निकालने का काम अपने खर्च पर करने तथा निकाली गयी मिट्टी का मुफ्त में उपयोग करने की अनुमति देने वाली नीति को मंजूरी दे दी है।’’
इस पहल से गाद निकालने में सुविधा होगी, नदियों और नालों की वहन क्षमता में वृद्धि होगी और बाढ़ का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.