नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) देश की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था वाली जेलों में शुमार तिहाड़ जेल में बृहस्पतिवार देर रात आए एक आपातकालीन फोन कॉल ने सभी को हैरत में डाल दिया। जेल से न तो कोई कैदी फरार हुआ था और न ही कोई सुरक्षा चूक हुई थी। मदद की गुहार एक पिल्ले के लिए लगाई गई थी, जो गड्ढे में फंस गया था।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को बृहस्पतिवार देर रात 12 बजकर 55 मिनट पर घटना की सूचना मिली, जिसके बाद कई एजेंसियों का संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार, विशेष उपकरणों से लैस राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और डीएफएस के कर्मी तुरंत तिहाड़ जेल परिसर के गेट नंबर-1 पर पहुंचे और पिल्ले को बाहर निकालने की कोशिशें शुरू कीं, हालांकि वे उसे बचा नहीं सके।
एक अधिकारी ने बताया, “पिल्ले को बचाने के लिए विशेष उपकरणों से लैस कई एजेंसियों के कर्मचारियों ने भरसक प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।”
उन्होंने बताया कि बचाव अभियान तीन घंटे से अधिक समय तक जारी रहा।
भाषा खारी पारुल
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