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Thursday, 30 April, 2026
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भीषण गर्मी और सतत कूलिंग पर वैश्विक मंथन, दिल्ली में होगा ‘ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम’

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नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) भीषण गर्मी की बढ़ती समस्या और सतत शीतलन (कूलिंग) समाधान पर चर्चा के लिए अगले सप्ताह सरकार के अधिकारी, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, विकास संस्थान और उद्योग जगत के प्रमुख एकत्र होंगे।

‘ग्लोबल हीट एंड कूलिंग फोरम (जीएचसीएफ) 2026’ का आयोजन 20 और 21 अप्रैल को नयी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा।

इसका आयोजन प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद (एनआरडीसी) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

एनआरडीसी एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी पर्यावरण संगठन है जिसके 30 लाख से अधिक सदस्य और ऑनलाइन कार्यकर्ता हैं।

‘फोरम’ का मुख्य उद्देश्य नीतिगत ढांचों से आगे बढ़कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना है, ताकि ऐसे समाधान विकसित किए जा सकें, जो बढ़ती कूलिंग जरूरतों को पूरा करते हुए कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

एनआरडीसी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनीष बापन्ना ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्सर्जन को नियंत्रण में रखते हुए शीतलन की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करना आने वाले दशकों की प्रमुख जलवायु और विकास चुनौतियों में से एक होगा। सरकारों और उद्योगों को ऐसे समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे, जो लोगों को खतरनाक गर्मी से बचाते हुए लचीली और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों का निर्माण करें।’’

इस मंच में एशिया और अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों से ताप-प्रतिरोध, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरी नियोजन और ऊर्जा प्रणालियों के क्षेत्र में काम करने वाले 300 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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