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Wednesday, 29 April, 2026
होमदेशबिना मेडिकल आईडी कार्ड वाले नवजात शिशुओं के इलाज में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का रेलवे बोर्ड का आग्रह

बिना मेडिकल आईडी कार्ड वाले नवजात शिशुओं के इलाज में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का रेलवे बोर्ड का आग्रह

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नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशकों से आग्रह किया है कि यदि नवजात शिशुओं के पास यूनिक मेडिकल आइडेंटिटी कार्ड (यूएमआईडी) नहीं है, तब भी आपात स्थिति में उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।

यूएमआईडी एक स्मार्ट मेडिकल कार्ड है, जो रेलवे कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके तथा उनके आश्रितों के लिए रेलवे अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने हेतु जारी किया जाता है।

बोर्ड द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि हाल ही में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत में नवजात शिशुओं के लिए यूएमआईडी कार्ड के अभाव में चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में आने वाली समस्याओं का मुद्दा उठाया गया।

पत्र में कहा गया है, ‘‘रेलवे चिकित्सा लाभार्थियों को अपने नवजात शिशुओं के लिए यूएमआईडी कार्ड के अभाव में उपचार प्राप्त करने में होने वाली कठिनाइयों से बचने के लिए यह सूचित किया जाता है कि एचएमआईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) में नवजात शिशुओं के लिए तत्काल यूएमआईडी कार्ड उपलब्ध कराने की सुविधा उपलब्ध है।”

पत्र में आगे कहा गया है, “हालांकि, इस संबंध में सभी संबंधित चिकित्सकों को निर्देशित किया जाए कि आपात स्थिति में रेलवे चिकित्सा लाभार्थियों के नवजात शिशुओं को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए, ताकि यूएमआईडी कार्ड के अभाव में कोई देरी न हो।”

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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