नई दिल्ली: यूपी के भदोही जिले की पप्पू देवी ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मशरूम उत्पादन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के सहयोग से उन्होंने यह उद्यम शुरू किया.
पप्पू देवी ने करीब ढाई लाख रुपये की पूंजी और 50 हजार रुपये के ऋण से मशरूम खेती की शुरुआत की. सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह काम आज उन्हें सालाना 8 से 10 लाख रुपये की आमदनी दे रहा है.
उनकी यह सफलता केवल आर्थिक सुधार तक सीमित नहीं है. वे अब गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं. उनका मॉडल स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणा बन गया है. पप्पू देवी का कहना है कि सही प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से महिलाएं स्वरोजगार में बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं.
