बेरूत, लेबनान: हिज़्बुल्लाह ने शुक्रवार को कहा कि उसने इजराइल के सीमा इलाकों किरयात शमोना और अवीविम पर हमला किया. यह हमला दो हफ्ते के सीजफायर के बावजूद लेबनान में इजराइल की लगातार कार्रवाई के जवाब में किया गया.
हिज़्बुल्लाह ने बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने दोपहर करीब 1:30 बजे अवीविम पर रॉकेट दागे. उसने इसे सीजफायर के उल्लंघन और दक्षिणी गांवों पर बार-बार हमलों का जवाब बताया.
गुट ने यह भी कहा कि इससे पहले करीब 12 बजे उसने किरयात शमोना बैरक को ड्रोन से निशाना बनाया.
हिज़्बुल्लाह ने कहा कि ये हमले लेबनान और उसके लोगों की रक्षा के लिए किए गए. उसने आरोप लगाया कि उसने सीजफायर का पालन किया, लेकिन इजराइल ने कार्रवाई जारी रखी. उसने कहा कि यह जवाब तब तक जारी रहेगा जब तक इजराइली-अमेरिकी हमले बंद नहीं होते.
वहीं इजराइल डिफेंस फोर्स के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कहा कि उत्तरी मोर्चे पर युद्ध जारी है और कोई सीजफायर नहीं है. उन्होंने कहा कि सेना की कार्रवाई जारी रहेगी.
उन्होंने कहा कि इजराइल ईरान के साथ सीजफायर में है, लेकिन वहां भी कभी भी फिर से कार्रवाई हो सकती है.
जमीर ने कहा कि लेबनान में सैन्य गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं और हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर अलग-अलग तरीकों से हमला किया जा रहा है.
उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध में ईरान कमजोर हुआ है, जिसका असर हिज़्बुल्लाह पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह अब अलग-थलग पड़ गया है और उसके फंड और हथियारों के स्रोत प्रभावित हुए हैं.
जमीर ने कहा कि हाल में बेरूत और बेकाआ इलाके में बड़े हमले किए गए और हिज़्बुल्लाह को अपने ठिकाने बदलने पड़े.
उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह को सीमा और लेबनान के अंदर दोनों जगह इजराइली फाइटर जेट और जमीनी सेना का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने बताया कि सेना गाजा, सीरिया और लेबनान समेत कई मोर्चों पर सक्रिय है और सुरक्षा के लिए आगे तैनात है.
आईडीएफ के अनुसार, पिछले हफ्ते 40 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया और 50 से ज्यादा ठिकाने नष्ट किए गए.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कमजोर स्थिति में है. ईरान का कहना है कि इसमें लेबनान में इजराइली कार्रवाई रोकना भी शामिल है.
लेकिन अमेरिका और इजराइल का कहना है कि यह सीजफायर हिज़्बुल्लाह पर लागू नहीं होता. इस मतभेद से तनाव बढ़ गया है और सीजफायर टूटने का खतरा बना हुआ है.
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