इंफाल (मणिपुर): मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पांच जिलों—इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर—में इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद कर दी हैं. यह प्रतिबंध मंगलवार दोपहर 2 बजे से लागू हुआ.
प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर का गलत इस्तेमाल कर अफवाह, नफरत भरे संदेश और भड़काऊ सामग्री फैला सकते हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं.
आदेश में कहा गया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति व सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोका जा सके.
यह फैसला ट्रोंग्लाओबी आवांग लैकाई इलाके में हुई एक हिंसक घटना के बाद लिया गया. संदिग्ध उग्रवादियों ने रात करीब 1 बजे एक घर पर हमला किया, जिसमें सो रहे दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई. मरने वालों में 5 साल का लड़का और 5 महीने की बच्ची शामिल हैं. हमले में उनकी मां घायल हो गईं, जिनका इलाज चल रहा है.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला. विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कम से कम तीन ट्रकों में आग लगा दी और इंफाल-तिदिम रोड पर कई जगह जाम लगा दिया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया.
हमले की जगह के पास एक बिना फटा रॉकेट लॉन्चर भी मिला, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की.
स्थानीय विधायक थोंगाम शांति सिंह ने फेसबुक पोस्ट में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य हिंसा और आतंकवादी कृत्य बताया. उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि ऐसे अमानवीय कृत्यों की कड़ी निंदा होनी चाहिए.
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी इस घटना पर दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मासूम बच्चों की मौत बेहद दुखद है और ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है.
Deeply pained by the tragic attack in Moirang Tronglaobi that took the lives of two innocent children. Such a horrific act against civilians, especially young lives, is beyond condemnable.
While efforts may be ongoing, such occurrences underline the need for more effective…
— N. Biren Singh (@NBirenSingh) April 7, 2026
उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
