चंडीगढ़, एक अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के कार्यालय के बाहर बुधवार शाम को हुए धमाके के कुछ घंटों बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र शासित क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना को लेकर उन्हें जिम्मेदार ठहराने के लिए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर जमकर हमला बोला।
मान ने कहा कि जब भी वह कहते हैं कि चंडीगढ़ पंजाब का हिस्सा है, तो उन्हें शहर के मामलों से दूर रहने के लिए कहा जाता है।
भाजपा की पंजाब इकाई के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय के बाहर बुधवार शाम हुए धमाके से अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बताया कि धमाका किसी देसी उपकरण के फेंके जाने से हुआ प्रतीत होता है। इसमें किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
मान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों के धरने, किसान संगठनों के प्रदर्शन, भाजपा-कांग्रेस-अकाली दल के संयुक्त विरोध प्रदर्शन और चंडीगढ़ में जबरन वसूली के प्रयास और धमाके सहित कई घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन जब भगवंत मान कहते हैं कि चंडीगढ़ पंजाब का हिस्सा है, तो भगवंत मान गद्दार हैं क्योंकि चंडीगढ़ केंद्र से संबंधित है, इसलिए भगवंत मान को चंडीगढ़ के मामलों से दूर रहना चाहिए। अब ये हथकंडे काम नहीं आएंगे।’’
धमाके के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति अब चंडीगढ़ को भी प्रभावित कर रही है।
जाखड़ ने कहा, ‘‘पहले पंजाब में पुलिस थानों पर लगातार ग्रेनेड हमले हुए; फिर हाल में होशियारपुर में बाबासाहेब डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा को विरूपित किया गया; और आज चंडीगढ़ में भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर हमला किया गया।’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पंजाब सरकार इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई है। नतीजतन, इस सीमावर्ती राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति अब चंडीगढ़ को भी प्रभावित करने लगी है।’’
भाषा आशीष अमित
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