नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने झुग्गी बस्ती क्षेत्रों से निकलने वाले मल-जल की जानकारी देने संबंधी अपने आदेश का पालन न किए जाने पर दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
हरित निकाय राष्ट्रीय राजधानी में मॉनसून के दौरान जलजमाव को रोकने के लिए बरसाती नालों से गाद निकालने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्यों ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ ने 24 मार्च को एक आदेश में कहा था कि डीयूएसआईबी अपने हलफनामे में, यहां के हर झुग्गी बस्ती क्षेत्र से निकलने वाले मल-जल की पूरी जानकारी और अन्य विवरण रिकॉर्ड पर रखने में विफल रहा है।
आदेश में कहा गया, ‘‘कई अवसर दिए जाने के बावजूद डीयूएसआईबी द्वारा जवाब दाखिल न किए जाने के कारण, इस मुद्दे की पड़ताल में विलंब हुआ है। अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है; इसलिए, आज भी इस मामले को स्थगित किया जा रहा है।’’
एनजीटी ने कहा कि आदेश का पालन न किए जाने के कारण डीयूएसआईबी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
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नेत्रपाल सुरेश
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