पटना, 29 मार्च (भाषा) कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की, जिससे पार्टी के भीतर दरार की अटकलें तेज हो गई हैं। कुशवाहा हाल में हुए राज्यसभा चुनावों में मतदान से दूर रहे थे।
हालांकि, वाल्मीकि नगर के विधायक कुशवाहा ने पत्रकारों से कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री चौधरी के साथ बैठक उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास परियोजनाओं से संबंधित थी।
कुशवाहा ने कहा, ‘‘एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में मेरा सरकार में मंत्रियों के संपर्क में रहना आवश्यक है। यदि कोई गलत इरादा होता, तो मैं उनसे दिनदहाड़े नहीं मिलता। आपने शायद गौर किया होगा कि मैं मंत्री के आवास पर अपनी गाड़ी पर कांग्रेस का झंडा लगाकर गया था।’’
कुशवाहा उन तीन कांग्रेस विधायकों में से एक थे, जो 16 मार्च को राज्य से राज्यसभा की पांच सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में मतदान से दूर रहे थे। बिहार विधानसभा में कांग्रेस के छह सदस्य हैं।
तीन कांग्रेस विधायकों और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक विधायक की अनुपस्थिति के कारण सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को आसानी से जीत मिल गई और एकमात्र विपक्षी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
कुशवाहा ने इससे पहले अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि वह राजद द्वारा उतारे गए ‘‘ऊंची जाति के उम्मीदवार’’ का समर्थन नहीं कर सकते।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री और जद(यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार से भी मिलेंगे, तो कुशवाहा ने कहा, ‘‘क्यों नहीं? मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी या गठबंधन के नहीं होते। जो विधायक अपने लोगों की सेवा करना चाहते हैं, उन्हें सत्ता में जो भी हो, उसके संपर्क में रहना चाहिए।’’
भाषा आशीष रंजन
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