कासरगोड, 29 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव एम ए बेबी ने रविवार को कहा कि पार्टी ने न तो सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के साथ किसी प्रकार की कोई बातचीत की है और न ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उसके साथ कोई गठबंधन किया है।
राज्य में नौ अप्रैल को विधानसभा के लिए मतदान होना है।
बेबी ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के आरोपों को खारिज करते हुए यहां पत्रकारों से कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कोई समझौता होता, तो हम उनसे इस बारे में बात करते। लेकिन माकपा ने कोई बातचीत नहीं की है।”
पार्टी महासचिव ने इस बात पर जोर दिया कि माकपा और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सांप्रदायिक आधार पर राजनीति करने वाली पार्टियों से कोई बातचीत नहीं करेंगे और न ही उनके साथ कोई समझौता करेंगे।
बेबी ने कहा कि मौजूदा चुनाव जोर इस पर नहीं होना चाहिए कि एसडीपीआई और जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन या उनकी राजनीतिक शाखा ‘वेलफेयर पार्टी’ किस तरफ अपना रुख करेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया, “यह यूडीएफ के लिए एक अहम मुद्दा है क्योंकि वे ऐसी पार्टियों पर निर्भर हैं। अतीत में, नीमोम विधानसभा क्षेत्र और त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के साथ उनकी एक सहमति थी।”
बेबी ने दावा किया कि पिछले साल तिरुवनंतपुरम और कोल्लम नगर निगमों के चुनावों के दौरान कांग्रेस और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था।
उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा को जीत दिलाने में मदद की जबकि भाजपा ने कोल्लम नगर निगम में कांग्रेस का समर्थन किया।”
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल अमित
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