नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने अपने विभागों द्वारा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के ‘‘लगातार और व्यवस्थित उल्लंघन’’ को लेकर चिंता जताई है और प्रत्येक कार्यालय को कानून के तहत अनिवार्य पारदर्शिता मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा 25 मार्च को जारी एक पत्र में कहा गया है कि उसे आरटीआई अधिनियम की धारा चार के तहत अनिवार्य पारदर्शिता और जवाबदेही मानकों का पालन करने में विभिन्न विभागों की विफलता के संबंध में एक अभ्यावेदन प्राप्त हुआ है।
यह पत्र सभी प्रधान सचिवों, सचिवों, विभागों के प्रमुखों और स्वायत्त एवं स्थानीय निकायों के प्रमुखों को भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि चूंकि यह मामला सभी विभागों और कार्यालयों से संबंधित है, इसलिए इसे अनुपालन के लिए उन्हें जारी किया जा रहा है।
यह अभ्यावेदन देने वाले ‘सेंटर फॉर यूथ, कल्चर, लॉ एंड एनवायरनमेंट’ के नीति शोधार्थी पारस त्यागी ने दावा किया कि सरकारी विभाग आरटीआई अधिनियम के तहत सूचना प्रदान करने में लगातार विफल रहे हैं।
त्यागी ने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में, हमने सूचना प्राप्त करने के लिए कई जनहित याचिकाएं दायर कीं। कई बार हमें एक ही विषय पर विभिन्न विभागों से विरोधाभासी जानकारी मिली।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में वेबसाइट पर कार्यालय फोन नंबर सहित सार्वजनिक जानकारी अद्यतन नहीं की गई है।
भाषा आशीष दिलीप
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