रायपुर, 26 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ एक महिला द्वारा उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी (2003 बैच) को सेवा आचरण नियमों के कथित उल्लंघन और अशोभनीय व्यवहार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई पिछले साल अक्टूबर में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है, जिसमें उसने अधिकारी पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
डांगी ने भी पुलिस मुख्यालय में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह महिला कई सालों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी और उनसे पैसे ऐंठ रही थी। इन दोनों शिकायतों के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस अधिकारी के निलंबन आदेश में कहा गया है कि रतन लाल डांगी द्वारा पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारी के गरिमापूर्ण पद पर रहते हुए, पद के अनुरूप आचरण का प्रदर्शन न करते हुए अशोभनीय एवं नैतिकता के प्रतिकूल आचरण प्रदर्शित करना, अपने पद के प्रभाव का दुरूपयोग करना तथा स्थापित सांस्कृतिक मानकों का उल्लंघन करने से अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम का उल्लंघन करना प्रथम दृष्टया परिलक्षित होता है।
आदेश में कहा गया है कि डांगी का यह कृत्य इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रसारित तथा प्रचारित हुआ है, जिसके कारण सामान्य जनमानस और समाज में पुलिस की छवि धूमिल हुई। ऐसा प्रतीत होता है कि अनैतिक कृत्य के लिए रतन लाल डांगी व्यक्तिगत स्तर पर पूर्ण रूप से जिम्मेदार है, जिसके कारण उनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है।
आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन डांगी को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1969 के नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में डांगी का मुख्यालय, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर रहेगा।
पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि डांगी के विरुद्ध 15 अक्टूबर को महिला आवेदक द्वारा शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किये जाने संबंधी शिकायत पुलिस मुख्यालय में प्राप्त हुई थी। इस संबंध में डांगी ने भी महिला के खिलाफ ब्लैकमेल किये जाने की शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि पुलिस महानिरीक्षक डॉ. आनंद छाबड़ा और पुलिस उप महानिरीक्षक मिलना कुर्रे जांच समिति की सदस्य हैं। जांच समिति की रिर्पोट के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जानकारी मिली है कि पुलिस विभाग में पदस्थ एक उप निरीक्षक की पत्नी ने डांगी पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है तथा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, डांगी ने बताया था कि महिला पिछले कुछ वर्षों से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है तथा पैसे भी ऐंठ चुकी है।
डांगी ने बताया कि जब वह 2017-18 में दंतेवाड़ा में पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे तब महिला ने अपने पति के कार्य के सिलसिले में उनसे संपर्क किया था। जिसके बाद डांगी ने महिला की मदद की थी।
डांगी के मुताबिक, महिला ब्यूटी पार्लर का काम करती थी और इसलिए वह उनकी पत्नी के संपर्क में भी आ गई। जब महिला डांगी की पत्नी के लिए ब्यूटीशियन का कार्य कर रही थी कि तब उसने उनकी पत्नी की कुछ तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इस बीच उसने डांगी से कहकर अपने पति के लिए कुछ जिलों में थानेदार की तैनाती भी करवा ली।
डांगी ने बताया था कि 2023 में महिला ने उनसे पैसे की मांग की और नहीं देने पर उनकी पत्नी का वीडियो वायरल करने की धमकी दी। वहीं आत्महत्या कर उन्हें फंसाने की भी धमकी देने लगी।
उन्होंने बताया कि महिला ने तब से उनसे कुछ पैसे भी ऐंठे और पत्नी को दूर करने के लिए दबाव भी बनाने लगी, इससे परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस मुख्यालय में की। बाद में महिला ने भी डांगी के खिलाफ शिकायत कर दी।
राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि इस संबंध में महिला और डांगी से एक दूसरे के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच के बाद ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाषा संजीव गोला
गोला
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
