तिरुवनंतपुरम, 25 मार्च (भाषा) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरल विधानसभा चुनाव लड़ने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने उनके इस्तीफे पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।
गोपीनाथन ने 2019 में कश्मीर के लोगों को ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से वंचित किए जाने’ के विरोध में इस्तीफा दे दिया था।
पूर्व आईएएस अधिकारी पिछले साल अक्टूबर में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा था कि केवल कांग्रेस ही देश को सही दिशा में ले जा सकती है।
गोपीनाथन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए किये गए एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह पूरी तरह से उत्पीड़न है और कुछ नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मैं बस आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं कि आपकी सरकार 6.5 साल से मेरे इस्तीफे का निस्तारण नहीं कर रही है। न कोई वेतन दिया जा रहा है और न ही मुझे औपचारिक रूप से सेवा मुक्त किया जा रहा है। इस वजह से मैं अपने करियर में आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं। और साथ ही, मैं केरल में चुनाव भी नहीं लड़ पा रहा हूं।’’
आईएएस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपनी निजी समस्या न उठाने का फैसला किया, क्योंकि उन्हें इस बात का भली-भांति पता था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)शासन में लाखों लोग किस तरह की कठिनाइयों से गुजर रहे हैं।
केरल में जन्में गोपीनाथन ने पोस्ट में कहा, ‘‘भले मेरी राजनीतिक स्थिति कुछ भी हो, लेकिन मेरे इस्तीफा देने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने के अधिकार को रोकना, बेहद दयनीय और ओछी हरकत है। इस ओछी हरकत को बंद करें और अपनी सुस्त सरकार को निर्देश दें कि वह मेरे इस्तीफे पर तुरंत कार्रवाई करे।’’
भाषा धीरज नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
