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Monday, 23 March, 2026
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फारसी में लिखे गये रामायण की पांडुलिपि राम कथा संग्रहालय को उपलब्ध कराने की तैयारी

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अयोध्या (उप्र), 23 मार्च (भाषा) रामपुर रजा पुस्तकालय 17वीं शताब्दी में फारसी में लिखे गये रामायण की पांडुलिपियां अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को उपलब्ध कराएगा।

ये दुर्लभ पांडुलिपियां जहांगीर के शासनकाल में मुल्ला मसीह पानीपती द्वारा फारसी में अनुवादित हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण कृति- किस्सा-ए-राम सीता है जिसे 1825 में अहमद खान गफलत द्वारा रची गई थी।

रजा पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओं में 17,000 दुर्लभ पांडुलिपियां और 83,000 छपी हुई पुस्तकें मौजूद हैं । इसके अलावा, यहां रामायण की 13 पांडुलिपियां और आठ पुस्तकें उपलब्ध हैं जो सैकड़ों वर्षों पहले की हैं।

इस पुस्तकालय के संग्रह प्रभारी सैयद तारिक अजहर के मुताबिक, इस संग्रह में एक रत्न वाल्मिकी रामायण है जिसे मुगल शासक फारुख सियार के शासनकाल में 1715 में सुमेर चंद द्वारा फारसी भाषा में अनूठे ढंग से अनुवाद और चित्रित किया गया था।

रामपुर रजा पुस्तकालय और अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के बीच ऐतिहासिक पांडुलिपियों पर गठबंधन की तैयारी शुरू हो गई है। अयोध्या में भगवान राम के जीवन से जुड़ी विरासत के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल आकार ले रही है।

रजा पुस्तकालय के निदेशक पुष्कर मिश्रा ने सोमवार को रामकथा संग्रहालय के संयोजक संजीव कुमार से मुलाकात की और कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।

मिश्रा ने बताया, “अयोध्या रामायण पर अनुसंधान का एक नया केंद्र बनेगा क्योंकि पांडुलिपियां और दुर्लभ रामायण रामपुर पुस्तकालय से यहां आएंगे।”

मिश्रा ने कहा, “कुछ समय पहले, इस संग्रहालय के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने देशभर के संस्थानों से राम कथा से जुड़ी दुर्लभ पांडुलिपियां, प्राचीन वस्तुएं और अन्य सूचना इस संग्रहालय के साथ साझा करने की अपील की थी।”

उन्होंने कहा, “इस दिशा में रामपुर रजा पुस्तकालय ने न केवल 16वीं और 17वीं शताब्दियों की राम साहित्य की पांडुलिपियों की मूल प्रतियां, बल्कि इनकी सांकेतिक प्रतिलिपियों भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है।”

मिश्रा ने बताया कि भगवद् गीता का फारसी में अनुवाद और इसकी अलंकृत पांडुलिपि रजा पुस्तकालय में मौजूद है जिसमें सोने के पत्ते के साथ कलात्मक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अमूल्य विरासत और इससे जुड़ी पेंटिंग की अयोध्या में संयुक्त रूप से प्रदर्शनी लगाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।

भाषा सं राजेंद्र

राजकुमार

राजकुमार

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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