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Monday, 23 March, 2026
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नेमम से जीत के भाजपा के दावे खोखले: शिवनकुट्टी

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(लक्ष्मी गोपालकृष्णन)

तिरुवनंतपुरम, 23 मार्च (भाषा) केरल के राजनीतिक परिदृश्य में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता वी. शिवनकुट्टी को “बड़े खिलाड़ी” के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने 2021 में नेमम निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर जीत हासिल करके राज्य विधानसभा से भाजपा का सफाया कर दिया था।

पार्टी ने नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उपनगर क्षेत्र नेमम से उन्हें एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है ताकि भाजपा की बढ़त को रोका जा सके।

शिवनकुट्टी ने कहा कि भाजपा इस क्षेत्र में फिर से पकड़ बनाने में सक्षम नहीं होगी।

इस सीट पर भाजपा की ओर से पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर जबकि कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक के. सबरीनाथन उम्मीदवार हैं।

शिवनकुट्टी ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “भाजपा का खाता, जिसे हमने नेमम में बंद किया था, बंद ही रहेगा। उनकी जीत के दावे खोखले हैं।”

सामान्य शिक्षा मंत्री ने अपने व्यस्त रोड शो और जमीनी स्तर के प्रचार कार्यक्रमों के बीच बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी चुनाव में हर प्रत्याशी को जीत की आशा रखने का अधिकार होता है।

उन्होंने कहा, “यदि योग्यता ही मानदंड है, तो वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) नेमम में निश्चित रूप से जीत हासिल करेगा। राज्य सरकार की प्रशासनिक उत्कृष्टता और विधायक के कार्यों का स्थानीय प्रभाव हमारे अभियान के मुख्य विषय हैं। हम बहुत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”

नेमम से भाजपा को काफी उम्मीदें रहती हैं। साल 2016 में वरिष्ठ नेता राजगोपाल की जीत के साथ ही विधानसभा में भाजपा का खाता खुला था, जिसके बाद ये उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं।

हालांकि 2021 के चुनावों में शिवनकुट्टी ने 3,949 मतों के अंतर से जीत हासिल करके भाजपा का खाता बंद कर दिया था।

शिवनकुट्टी से जब पूछा गया कि क्या एलडीएफ ने उन्हें नेमम से इस बार भी इसलिए टिकट दिया है कि नेतृत्व को भरोसा था कि कोई और भाजपा की संभावित बढ़त को रोक नहीं सकता, तो उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक संगठनात्मक निर्णय था।

उन्होंने कहा, ‘जब पार्टी ने जीतने की संभावना के आधार पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया, तो मुझे स्वाभाविक रूप से फिर से मैदान में उतारा गया। मंत्री के रूप में मेरा प्रदर्शन और नेमम निर्वाचन क्षेत्र में विधायक के रूप में किए गए व्यापक विकास कार्य इस उम्मीदवारी के मुख्य कारण हैं।’

भाजपा की चुनौती के बारे में सवालों का जवाब देते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि चंद्रशेखर की उम्मीदवारी से नेमम में कोई असर नहीं होगा।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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