नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना मधुमिता राउत का शनिवार सुबह यहां हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वह 59 वर्ष की थीं। परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी।
राउत के भाई मनोज राउत ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “वह कुछ समय से अस्वस्थ थीं और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं, जहां आज सुबह छह बजकर 22 मिनट पर उन्हें हृदयाघात हुआ।”
मधुमिता के परिवार में उनके दो छोटे भाई मनोज और मनमथ हैं।
ओडिसी गुरु मायाधर राउत की पुत्री मधुमिता ने ओडिसी नृत्य के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें भारत निर्माण पुरस्कार (1997), ओडिशा राज्य घुंघुर सम्मान (2010) और ओडिशा लिविंग लीजेंड पुरस्कार (2011) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त थे।
उन्होंने भारत के अलावा आयरलैंड, नीदरलैंड, जर्मनी, बेल्जियम, हंगरी, ऑस्ट्रिया, स्पेन, मोरक्को, फ्रांस, पुर्तगाल, जापान और अमेरिका में आयोजित प्रमुख नृत्य समारोहों में प्रस्तुति दी थी।
उनकी रचनात्मक यात्रा बेहद व्यापक रही। उन्होंने कविताओं पर आधारित नृत्य संरचनाएं तैयार कीं, जर्मन कवि गोएथे की कविताओं को कोरियोग्राफी के माध्यम से मंच पर जीवंत किया और नीदरलैंड में बाली की नृत्यांगना दीया तंत्री के साथ ‘फ्यूजन डांस’ प्रस्तुत किया।
उनका अंतिम संस्कार शनिवार को अपराह्न साढ़े तीन बजे दिल्ली के लोधी श्मशान घाट पर किया जाएगा।
भाषा खारी गोला
गोला
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
