रांची, 20 मार्च (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 18 वर्षीय एक लापता युवती का पता लगाने के लिए पुलिस द्वारा की गई जांच की केस डायरी और विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और संजय प्रसाद की पीठ ने एसपी को 23 मार्च को पेश होकर पुलिस द्वारा की गई जांच में हुई कमियों और काफी देरी के बारे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय ने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि जांच में लापरवाही पाई जाती है, तो मामला सीबीआई को सौंपा जा सकता है।
लापता युवती की मां रेखा देवी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि उनकी बेटी 31 जुलाई, 2025 से लापता है।
सुनवाई के दौरान पता चला कि रेखा देवी ने बोकारो के पिंडराजोदा थाने में एक ‘संहा’ (सूचना) दर्ज कराई थी।
जब महिला का पता नहीं चला तब 10 दिन बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
उच्च न्यायालय ने एसपी से पूछा कि प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के लिए थाने के प्रभारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
उच्च न्यायालय ने एसपी को यह भी निर्देश दिया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से पुलिस ने पिछले सात महीनों से लापता युवती का पता लगाने के लिए क्या कदम उठाए हैं, इसकी जानकारी दें।
मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
भाषा राजकुमार माधव
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