हैदराबाद, 20 मार्च (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पश्चिम एशिया के प्रति भारत की पहले से चली आ रही तटस्थ नीति के विपरीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजदीकी बढ़ा ली है।
उन्होंने कहा कि मोदी को खुले तौर पर कहना चाहिए कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष गलत है।
यहां मक्का मस्जिद में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया के सभी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखे हैं और फलस्तीन के मुद्दे पर भी उसका रुख कायम है।
उन्होंने कहा, “मोदी ने क्या किया? वह ट्रंप और नेतन्याहू के करीब हो गए। अब आप युद्ध कैसे रोक सकते हैं? अगर आप तटस्थ होते, तो आपकी बात का ज्यादा असर होता। प्रधानमंत्री अलग-अलग देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं, लेकिन आपको खुलकर कहना चाहिए कि यह युद्ध गलत है।”
उन्होंने कहा कि यदि मोदी को ईरान, कतर और अन्य पश्चिम एशियाई देशों से कोई लेना-देना नहीं है, तो कम से कम वहां काम करने वाले एक करोड़ भारतीयों के हित को ध्यान रखते हुए इस संघर्ष का विरोध करना चाहिए, जो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ा योगदान देते हैं।
भाषा जोहेब अविनाश
अविनाश
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