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Saturday, 18 April, 2026
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छत्तीसगढ़ : तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित

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रायपुर, 20 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा ने राज्य के अलग-अलग विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को शुक्रवार को पारित कर दिया।

विधानसभा में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 पेश किया। सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

यह विधेयक तकनीकी तथा गैर-तकनीकी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया में एकरूपता लाने, अन्य परीक्षाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, प्रवेश परीक्षाओं और उससे संबंधित अथवा उसके आनुषंगिक मामलों के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन करने के लिए लाया गया है।

इस विधेयक के कानून बनने के बाद अभी मौजूद ‘छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल’ को इस नए बने मंडल में सम्मिलित माना जाएगा।

इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल बनाने के लिए लाया गया यह नया विधेयक भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने और उसमें पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से है।

साय ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार (राज्य में कांग्रेस की सरकार) के दौरान भर्ती में हुई गड़बड़ियों के कारण युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के कथित घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है और जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय पर रिक्तियां निकालते हैं, जिससे उम्मीदवारों को हर पद के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग की चयन प्रक्रिया अलग होती है, और हर बार अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करने से भर्ती एजेंसियों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है।

साय ने कहा कि प्रस्तावित मंडल अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करके इन चुनौतियों का समाधान करेगा।

उन्होंने कहा कि चयन मंडल बनने के बाद, परीक्षाएं हर साल और एक तय समय-सीमा के भीतर आयोजित की जा सकेंगी। एक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों के लिए व्यवस्थित तरीके से तैयारी करना आसान हो जाएगा।

साय ने कहा कि युवा ही ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने की नींव हैं तथा राज्य सरकार युवाओं को एक पारदर्शी माहौल में अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देगी।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक उस भरोसे को फिर से कायम करने के लिए है, जो पिछली सरकार के दौरान कमज़ोर पड़ गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस'(कतई न बर्दाश्त करने) की नीति अपनाती है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

साय ने कहा है कि प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से, भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, विनियमित और त्वरित किया जायेगा। समान योग्यता वाले पदों के लिए एक ही विज्ञापन जारी किया जा सकेगा, जिससे सीधी भर्ती चयन की प्रक्रिया में एकरूपता आयेगी और यह सुनिश्चित किया जायेगा कि यह पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी रूप से आयोजित की जाये।

विधेयक में कहा गया है कि मंडल तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया का आयोजन करेगा, जिसमें परीक्षा, साक्षात्कार, कौशल परीक्षण अथवा कोई अन्य प्रक्रिया शामिल है। वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश, व्यावसायिक योग्यता की प्राप्ति तथा किसी अन्य परीक्षा, जैसा कि राज्य शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जाए, का संचालन भी करेगा।

विधेयक में कहा गया है कि मंडल में एक अध्यक्ष होगा जो छत्तीसगढ़ शासन का ऐसा अधिकारी होगा, जिसका पद शासन के प्रमुख सचिव से निम्न श्रेणी का नहीं होगा। इसके अलावा मंडल में तीन सदस्य भी होंगे।

भाषा

संजीव रवि कांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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