नई दिल्ली: अवैध बेटिंग और गैंबलिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकार ने शुक्रवार को 300 वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया.
बैन किए गए प्लेटफॉर्म में ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग साइट्स, स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर टेबल जैसे गेम देने वाले कसीनो ऐप, पीयर-टू-पीयर मार्केटप्लेस की तरह काम करने वाले बेटिंग एक्सचेंज, सट्टा/मटका नेटवर्क और रियल-मनी कार्ड व कसीनो गेमिंग ऐप शामिल हैं.
एक अधिकारी ने बताया कि अब तक ऐसे करीब 8,400 वेबसाइट ब्लॉक किए जा चुके हैं. इनमें से ज्यादातर, यानी लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद बंद किए गए.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले इस साल जनवरी में भी केंद्र ने 242 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग वेबसाइट लिंक ब्लॉक किए थे. यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग एक्ट पारित होने के बाद बढ़ी सख्ती का हिस्सा थी.
सूत्रों ने कहा कि यह कदम खासकर युवाओं की सुरक्षा और अवैध ऑनलाइन बेटिंग व गैंबलिंग प्लेटफॉर्म से होने वाले आर्थिक और सामाजिक नुकसान को रोकने की सरकार की प्रतिबद्धता दिखाता है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने द प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को मंजूरी दी थी. यह बिल पिछले साल अगस्त में संसद से पारित हुआ था.
इस कानून को ऑनलाइन पैसों वाले खेलों के खतरे से नागरिकों को बचाने और दूसरे तरह के ऑनलाइन गेम्स को बढ़ावा देने व रेगुलेट करने के लिए बड़ा कदम माना गया.
एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह कानून उन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने के लिए बनाया गया है, जो जल्दी पैसा कमाने के भ्रामक वादों के जरिए लोगों को फंसाते हैं और लत, आर्थिक बर्बादी व सामाजिक परेशानी का कारण बनते हैं. इसमें कहा गया कि यह परिवारों की सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुरक्षित व रचनात्मक दिशा देने के सरकार के इरादे को दिखाता है.
इस मुद्दे की गंभीरता को दुनिया भर में माना गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी गेमिंग डिसऑर्डर को अपनी इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ डिजीजेज में एक स्वास्थ्य स्थिति मानता है. WHO के मुताबिक, यह ऐसा व्यवहार है जिसमें खेल पर नियंत्रण खत्म हो जाता है, रोजमर्रा की दूसरी गतिविधियां नजरअंदाज होने लगती हैं और नुकसान होने के बावजूद यह आदत जारी रहती है.
