नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बुधवार शाम को धूल भरी आंधी और बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। इसके बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया।
पिछले चार दिनों में यह दूसरी ऐसी मौसमी घटना थी, जिससे बढ़ते तापमान से राहत मिली। मौसम विभाग ने यह अलर्ट सभी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) के साथ साझा किया। अगले दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी रहेगा, जिससे आगे भी गरज चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम में बदलाव के कारण राजधानी के कई इलाकों में बिजली कटौती हुई, क्योंकि तेज हवाओं से विद्युत ग्रिड प्रभावित हुआ।
एक अधिकारी के अनुसार, खराब मौसम के कारण इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम से कम 16 उड़ानों को अन्य शहरों की ओर मोड़ दिया गया। हवाई अड्डे पर प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानों का आवागमन हुआ है।
आईएमडी ने परामर्श जारी करके लोगों से घरों के अंदर रहने और कमजोर या असुरक्षित ढांचों से दूर रहने का आग्रह किया। उसने लोगों को खिड़कियों, बिजली के खंभों और बिजली तारों से दूर रहने की चेतावनी दी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पूरे क्षेत्र में व्यापक वर्षा हुई। सीआरपीएफ कैंपस में सबसे अधिक 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद जनकपुरी में 10.5 मिलीमीटर बारिश हुई। नारायणा और पूसा में 8.0-8.0 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि प्रगति मैदान में 5.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड और आयानगर सहित अन्य क्षेत्रों में 4.0 मिलीमीटर से 4.5 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई, जबकि पीतमपुरा में 2.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
राजधानी में हवा की सबसे अधिक गति 68 किलोमीटर प्रति घंटा प्रगति मैदान में दर्ज की गई। वहीं पूसा में हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। शहर के अन्य हिस्सों में भी तेज हवाएं चलीं। लोदी रोड, इग्नू और पीतमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी हवा की गति 43 किलोमीटर प्रति घंटे से 48 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच दर्ज की गई।
शाम 6.45 से 7.30 बजे के बीच शहर में तापमान में भारी गिरावट देखी गई। पालम और सफदरजंग में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस हो गया, यानी 10 डिग्री की गिरावट आई। लोधी रोड में 8.5 डिग्री की गिरावट आई, जबकि अन्य स्टेशन पर 5 से 10 डिग्री के बीच गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विज्ञानियों ने इस गतिविधि का कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया, जिसने दक्षिण हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण को प्रेरित किया।
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘बृहस्पतिवार से मध्य पाकिस्तान और पंजाब और हरियाणा के आसपास के हिस्सों में इस प्रणाली के तीव्र होने की संभावना है, जिससे अगले दो दिनों में और अधिक बारिश होगी।’
उन्होंने कहा कि गरज के साथ बारिश का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान मॉडल बताते हैं कि 20 मार्च को मौसम की स्थिति अधिक तीव्र रहने का अनुमान है।’
बुधवार की आंधी से पहले, दिल्ली के कई इलाकों में रविवार को बारिश हुई, जिनमें सफदरजंग में 0.4 मिलीमीटर और आयानगर में 0.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बारिश के बावजूद, बुधवार को शहर की वायु गुणवत्ता में गिरावट आई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 232 रहा, जो एक दिन पहले दर्ज किए गए ‘मध्यम’ स्तर से गिरकर ‘खराब’ श्रेणी में आ गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 0 से 50 के बीच का एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
भाषा अमित देवेंद्र
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