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Monday, 23 March, 2026
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राजस्थान उच्च न्यायालय ने जांच लंबित रहने तक सत्र न्यायाधीश को निलंबित किया

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जोधपुर, 18 मार्च (भाषा) राजस्थान उच्च न्यायालय ने छह अलग-अलग मामलों में ‘गंभीर’ आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।

उच्च न्यायालय प्रशासन ने कहा कि यह निलंबन निष्पक्ष और बिना किसी पूर्वाग्रह के जांच सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है। आगे की कार्यवाही जारी जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।

साहू जिला न्यायाधीश कैडर के अधिकारी हैं और वर्तमान में जालोर जिले के भीनमाल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।

उन्हें यहां उच्च न्यायालय के महापंजीयक को तत्काल रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।

महापंजीयक चंचल मिश्रा द्वारा 17 मार्च को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह निर्णय न्यायिक अधिकारी को जारी जांच को प्रभावित करने से रोकने के लिए लिया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा द्वारा जारी निलंबन आदेश जारी किया गया है।

आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान साहू नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता पाने के हकदार होंगे और उनका मुख्यालय जोधपुर उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।

साहू के खिलाफ अधिवक्ताओं और वकीलों के संघों की ओर से शिकायतें आई थीं। भीनमाल बार एसोसिएशन के सचिव श्रवण ढाका ने बताया कि बार ने अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार और ‘‘गैर-पेशेवरता और अनैतिक आचरण की गंभीर प्रकृति’’ के आरोप के साथ शिकायतें दर्ज कराई हैं।

भाषा धीरज रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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