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Monday, 23 March, 2026
होमदेशदिल्ली में दो अवैध एलपीजी भंडारण इकाइयों का भंडाफोड़, 269 सिलेंडर जब्त, छह गिरफ्तार

दिल्ली में दो अवैध एलपीजी भंडारण इकाइयों का भंडाफोड़, 269 सिलेंडर जब्त, छह गिरफ्तार

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नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने बुधवार को शहर में कई अवैध एलपीजी भंडारण और ‘रिफिलिंग’ (सिलेंडर भरने वाली) इकाइयों का भंडाफोड़ किया जिसमें अलग-अलग अभियानों में कुल 269 सिलेंडर जब्त किए गए और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दक्षिण दिल्ली के राजपुर खुर्द में पुलिस ने एक अवैध एलपीजी भंडारण इकाई का भंडाफोड़ किया जिसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और परिसर से 223 सिलेंडर जब्त किए गए।

उन्होंने बताया कि आरोपी हितेश राठी (38) और अरविंद कुमार (40) कथित तौर पर वैध लाइसेंस के बिना इकाई का संचालन कर रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को राजपुर खुर्द गांव में एक प्लॉट पर छापा मारा और 223 ‘इंडेन’ एलपीजी सिलेंडर बरामद किए। इनमें 16 भरे और 45 खाली घरेलू सिलेंडर तथा 162 खाली वाणिज्यिक सिलेंडर शामिल थे।

एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और आठ ‘सुरक्षा कैप’ भी जब्त किए गए। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा उपायों के बिना इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडरों का भंडारण आसपास के निवासियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी सिलेंडर रखने के वैध दस्तावेज पेश करने में विफल रहा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और इंडेन गैस के अधिकारियों ने जब्ती की पुष्टि की।

एक अलग अभियान में पुलिस ने ख्याला क्षेत्र में तीन अवैध एलपीजी भंडारण और रिफिलिंग इकाइयों का भंडाफोड़ किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही 46 सिलेंडर बरामद किए।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान शिवमूरत सिंह (40), रघुराज (26), अरविंद सिंह (27) और ओमपाल (37) के रूप में हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि किराए के परिसर से कुल 46 सिलेंडर जब्त किए गए जिनमें इंडेन गैस के 20 और भारत गैस के 26 सिलेंडर शामिल हैं। वजन करने की मशीनें और अवैध रूप से ईंधन भरने के उपकरण भी बरामद किए गए।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके एलपीजी सिलेंडर खरीदते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों में छिपाकर रखते थे।

पुलिस ने बताया कि वे भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में गैस भरकर अतिरिक्त सिलेंडर तैयार करते थे और उन्हें कालाबाजारी में 3,000 रुपये प्रति सिलेंडर तक की ऊंची कीमतों पर बेचते थे।

पुलिस को गैस एजेंसी के कर्मचारियों की संलिप्तता का संदेह है क्योंकि आरोपी ने स्थानीय एजेंसियों से सिलेंडर प्राप्त करने का दावा किया है। इन एजेंसियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

भाषा तान्या नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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