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Friday, 27 March, 2026
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दिल्ली सरकार ने मौजूदा आबकारी नीति को एक साल के लिए बढ़ाया; खुदरा लाइसेंस नवीनीकृत किए जाएंगे

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नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति पर लंबित कामों को देखते हुए मौजूदा आबकारी नीति को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर, वर्ष 2026-27 के लिए नए खुदरा शराब लाइसेंसों को नवीनीकृत और जारी करने की प्रक्रिया को मौजूदा नीति के उन्हीं नियमों और शर्तों पर आगे बढ़ा दिया है।

आदेश में कहा गया, ‘‘सक्षम प्राधिकारी ने लाइसेंसिंग वर्ष 2026-2027 के लिए एल-6, एल-6एफजी, एल-6एफई, एल-8, एल-10, एल-14, एल-23, एल-23एफ और एल-30 लाइसेंसों के नवीनीकरण और नए लाइसेंस जारी करने की मंज़ूरी दे दी है। ये लाइसेंस आबकारी वर्ष 2025-26 (जो वर्ष 2022-23, वर्ष 2023-24, वर्ष 2024-25 से जारी है) के उन्हीं नियमों और शर्तों पर आधारित होंगे।’’

अधिकारियों ने बताया कि आबकारी विभाग की संबंधित शाखाएं भारत में विनिर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), विदेशी शराब, बीयर और साथ ही देसी शराब की बिक्री से जुड़े विभिन्न खुदरा लाइसेंसों के लिए अलग-अलग परिपत्र जारी करेंगी।

पिछले महीने, आबकारी विभाग ने होटल, क्लब और रेस्तरांओं के लिए आबकारी लाइसेंसों को मौजूदा नीति के नियमों और शर्तों पर मार्च, 2027 तक के लिए बढ़ा दिया था।

पिछले साल जून में, दिल्ली सरकार ने शुल्क-आधारित आबकारी नीति को, जो लाइसेंसिंग वर्ष 2022-23 से लागू है, 2025-26 के वित्त वर्ष के लिए आगे बढ़ा दिया था।

वर्तमान में, सरकार की चार एजेंसियों द्वारा लगभग 725 खुदरा शराब की दुकानें चलाई जा रही हैं। ये हैं…दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी), दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार (डीसीसीडब्ल्यूएस)। मौजूदा नीति वर्ष 2023-24 से ही चली आ रही है। इससे पहले, जुलाई 2022 में, आम आदमी पार्टी (आप) की तत्कालीन सरकार ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच एक सुधारवादी नीति को रद्द कर दिया था। इस नीति के तहत निजी कंपनियों को खुदरा शराब बिक्री की अनुमति दी गई थी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले साल अधिकारियों को नई आबकारी नीति का मसौदा प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने बताया कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी नई नीति लाना है, जो पूरी पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण शराब की आपूर्ति सुनिश्चित करे।

उन्होंने आगे बताया कि नई आबकारी नीति तैयार करने के लिए गठित मंत्रियों के एक समूह ने सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस नीति का मसौदा जारी नहीं किया गया है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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