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Tuesday, 17 March, 2026
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मीनाक्षी ने अंतिम पंघाल को हराकर एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई

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(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) मीनाक्षी गोयत ने “आत्म-संदेह” पर काबू पाकर बड़ा उलटफेर करते हुए अंतिम पंघाल को हराकर अगले महीने होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय महिला टीम में जगह बना ली। दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम को घरेलू मैदान पर यह दुर्लभ हार झेलनी पड़ी।

ट्रायल में इससे पहले तीन बार अंतिम से हार चुकी मीनाक्षी ने इस बार मजबूत रक्षात्मक खेल का शानदार प्रदर्शन किया और 6-2 की बढ़त लेने के बाद ‘विन बाय फॉल’ से जीत दर्ज की। एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता अंतिम, दिग्गज विनेश फोगाट के 53 किग्रा वर्ग छोड़ने के बाद इस वर्ग में दबदबा बनाए हुए थीं।

मुकाबले के दौरान मीनाक्षी ने कई बार अंतिम के सिर पर मजबूत पकड़ बनाई और उन्हें आक्रामक खेल का प्रदर्शन नहीं करने दिया। शुरुआत में अंतिम ने मीनाक्षी के दोनों पैरों को जकड़ने की कोशिश की, लेकिन उनकी यह चाल नाकाम हो गई।

मीनाक्षी ने मुकाबले की शुरुआत में अंतिम को मैट पर पटककर बढ़त बनाई, जबकि अंतिम ने एक अंक लेकर जवाब दिया। 21 वर्षीय अंतिम ने इसका जवाब एक पैर पर पकड़ बनाकर देने की कोशिश की, लेकिन मीनाक्षी का डिफेंस मजबूत रहा। पुश-आउट से अंतिम ने स्कोर 2-2 कर लिया।

दूसरे पीरियड में मीनाक्षी ने लगातार टेकडाउन करते हुए स्कोर 6-2 कर लिया। मुकाबले के आखिरी नौ सेकंड में उन्होंने मजबूत पकड़ के साथ अंतिम को मैट पर गिराकर तीन बार की एशियाई चैंपियनशिप पदक विजेता को चौंका दिया।

अंतिम हार के बाद कुछ समय तक अविश्वास में मैट पर ही पड़ी रहीं, जबकि मीनाक्षी मुस्कुराते हुए उनके पास गईं और हाथ बढ़ाया।

दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन 25 वर्षीय मीनाक्षी सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं। वह पहले 50 किग्रा वर्ग में भी खेल चुकी हैं, लेकिन अब 53 किग्रा में चुनौती पेश करती हैं।

मीनाक्षी ने कहा, “ट्रायल जीतना बेहद खुशी की बात है। मैं इस पल का आनंद ले रही हूं। पहले मैं बड़े नामों के खिलाफ अच्छा खेलते हुए भी हार जाती थी, लेकिन इस बार मैंने मौका नहीं गंवाया। मेरे मन में अपनी क्षमता को लेकर संदेह था, जिसे मैंने दूर कर लिया। अंतिम से भी गलतियां हुईं और मैंने उनका फायदा उठाया।”

जींद जिले के किसान की बेटी मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने मुकाबले से पहले रात भर सकारात्मक सोच बनाए रखी।

उन्होंने कहा, “मैंने खुद से कहा कि मैं जीत चुकी हूं और एशियाई चैंपियनशिप के लिए जा रही हूं।”

एशियाई चैंपियनशिप छह से 11 अप्रैल तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होगी।

इसी बीच 50 किग्रा वर्ग में नीलम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई। शिवानी के खिलाफ 7-3 की जीत में उनका ‘सुप्लेक्स थ्रो’ दिन का सबसे बेहतरीन दांव रहा। फाइनल में उन्होंने प्रियांशी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया।

अन्य वर्गों में मानसी अहलावत (62 किग्रा) और मनीषा भानवाला (57 किग्रा) ने जीत दर्ज की। मनीषा के 62 किग्रा से 57 किग्रा में आने के कारण इस वर्ग में कम पहलवानों ने हिस्सा लिया।

इसके अलावा हंशिका (55 किग्रा), नेहा सांगवान (59 किग्रा), मोनिका (65 किग्रा), मानसी लाठेर (68 किग्रा), हर्षिता (72 किग्रा) और काजल (76 किग्रा) ने भी अपने-अपने वर्ग में जीत हासिल की।

पुरुष वर्ग में अंकुश (57 किग्रा), अमन सहरावत (61 किग्रा), सुजीत कलकल (65 किग्रा), अभिमन्यु (70 किग्रा), जयदीप (74 किग्रा), संदीप मान (79 किग्रा), मुकुल दहिया (86 किग्रा), पुनीत कुमार (92 किग्रा), विक्की (97 किग्रा) और दिनेश (125 किग्रा) ने टीम में जगह बनाई।

भाषा आनन्द सुधीर

सुधीर

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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