नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी कास्पर्स्की ने भारत में अपने निवेश को दोगुना करने की योजना बनाई है।
कंपनी का कहना है कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद वह भारत को क्षेत्रीय सेवाओं के केंद्र (हब) के रूप में विकसित करने पर विचार कर रही है।
कास्पर्स्की के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रबंध निदेशक एड्रियन हिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में बताया कि कंपनी भारत में विपणन, व्यापार विकास और ‘क्लाउड ऑपरेशन’ को स्थापित करने की योजना बना रही है, ताकि स्थानीय एवं क्षेत्रीय ग्राहकों को सेवाएं दी जा सकें।
उन्होंने कहा कि 2024 में मजबूत दो अंकों की वृद्धि के बाद 2025 के वित्त परिणाम (जो अप्रैल में जारी होंगे) और भी बेहतर रहने की उम्मीद है।
हिया ने कहा, ‘‘ हम न केवल कर्मचारियों एवं कार्यालयों में निवेश बढ़ाएंगे बल्कि भारत को क्षेत्रीय स्तर पर विपणन, व्यापार विकास और क्लाउड सेवाओं का केंद्र बनाने पर भी काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने साथ ही संकेत दिया कि यदि भारत में क्षेत्रीय ग्राहकों के लिए डेटा सेंटर स्थापित किया जाता है तो भर्ती में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
साइबर खतरों को लेकर हिया ने आगाह किया कि 2026 में साइबर हमले और बढ़ सकते हैं। 2025 में भारत में कंपनी ने 4.7 करोड़ से अधिक वेब-आधारित खतरों को रोका था।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) उपकरण की आसान उपलब्धता के कारण ‘डीपफेक’ जैसे खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ‘‘ एआई से लड़ने के लिए एआई का उपयोग’’ करना जरूरी हो गया है।
हिया ने भारतीय सरकार की डेटा वर्गीकरण (टियरिंग) रणनीति की सराहना की, हालांकि यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) के साथ साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
एआई के कारण रोजगार पर प्रभाव के सवाल पर हिया ने माना कि एआई बुनियादी अकाउंटिंग, सॉफ्टवेयर कोडिंग और वेब पेज प्रबंधन जैसे कार्यों को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हर किसी को खुद को ‘अपग्रेड’ करना चाहिए क्योंकि भविष्य में कौशल उन्नयन बेहद जरूरी होगा।’’
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा
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