कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के दो सीटों से चुनाव लड़ने के फैसले पर तंज कसते हुए सोमवार को कहा कि इससे स्पष्ट है कि उन्हें अपनी जीत को लेकर भरोसा नहीं है और भाजपा को “दीवार पर लिखी इबारत” पहले ही दिखाई दे रही है।
तृणमूल के प्रवक्ता एवं राज्य के महासचिव कुणाल घोष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ शुभेंदु, जो पहले किसी भी सीट से चुनाव लड़ने पर जीत का दावा करते थे, अब भबानीपुर अथवा नंदीग्राम में से किसी भी सीट से जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। उन्हें दोनों ही सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ेगा क्योंकि पूर्वी मेदिनीपुर में तृणमूल उन्हें कड़ी टक्कर देगी।’’
तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रात्य बसु ने परोक्ष रूप से पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भबानीपुर से चुनाव लड़ेंगी और बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगी।
बसु ने कहा, ‘‘भबानीपुर से ममता बनर्जी हमारी उम्मीदवार होंगी और 50,000 से अधिक वोटों से सीट जीतेंगी। नंदीग्राम में भी शुभेंदु को टीएमसी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ेगा।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर पश्चिम से उम्मीदवार बनाए जाने पर टिप्पणी करते हुए तृणमूल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दिलीप दा को पार्टी में दरकिनार कर दिया गया था। दीघा स्थित जगन्नाथ धाम की यात्रा के बाद उनकी किस्मत पलट गई, जहां बनर्जी ने उनका स्वागत किया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनकी जमकर आलोचना की। उन्हें अपने अतीत के अनुभवों को नहीं भूलना चाहिए।’’
तृणमूल नेता ने कहा, ‘‘भाजपा चाहे जितनी सूचियां जारी कर दे, लेकिन सच्चाई यही है कि बंगाल की जनता उन्हें फिर से खारिज कर देगी।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवारों के नामांकन के संबंध में, घोष ने कहा कि चुनावों में वामपंथी पार्टी की कोई संभावना नहीं है और इसका कोई महत्व नहीं है।
घोष ने कहा, ‘‘ भाजपा, माकपा और कांग्रेस जनता के बीच अलोकप्रिय हैं। लोगों को हमारी नेता ममता बनर्जी पर पूरा भरोसा है, जो चौथी बार पार्टी को जीत दिलाएंगी।’’
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