पथनमथिट्टा (केरल), 16 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिवालय सदस्य टी एम थॉमस इसाक ने सोमवार को कहा कि शबरिमला मंदिर से सोना गायब होने से जुड़े मामले के आरोपियों में शामिल ए पद्मकुमार को आरोपपत्र दाखिल होने तक पार्टी गतिविधियों से दूर रखा जाएगा।
पद्मकुमार चोरी की घटना के समय त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष थे।
इसाक ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही की जाएगी।
माकपा के पूर्व विधायक पद्मकुमार उस मामले में 11वें आरोपी हैं, जो द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से सोना गायब होने से जुड़ा है। वहीं ‘श्रीकोविल’ (गर्भगृह) के द्वार की चौखट से सोना गायब होने के मामले में वह आठवें आरोपी हैं।
पद्मकुमार को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद हाल ही में जेल से रिहा किया गया था।
टीडीबी में उनके कार्यकाल के दौरान ही 2019 में सोने की कलाकृतियों को दोबारा सोने की परत चढ़ाने के लिए सौंपने का निर्णय लिया गया था।
माकपा के जिला नेतृत्व ने सोमवार को यहां एक बैठक की, जिसके बाद यह निर्णय किया गया कि आरोपपत्र दाखिल होने तक पद्मकुमार को पार्टी गतिविधियों और चुनावी कार्यों से दूर रखा जाएगा।
बैठक में शामिल इसाक ने संवाददाताओं से कहा कि शबरिमला सोना चोरी से जुड़े आरोपों के संबंध में पद्मकुमार ने पार्टी को अपना स्पष्टीकरण भी सौंप दिया है, जिसकी पड़ताल पार्टी समिति करेगी।
इसाक ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद पार्टी इस मामले पर निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा, “तब तक उन्हें पार्टी की गतिविधियों से दूर रखा जाएगा। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद ही पार्टी कोई फैसला करेगी।”
इसाक ने यह भी स्पष्ट किया कि कुमार को माकपा से निलंबित नहीं किया गया है।
भाषा रंजन नेत्रपाल
नेत्रपाल
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
